CBSE: छात्रों के लिए राहत भरी खबर… खोल दिया गया Verification of Marks और Re-Evaluation Portal; ऐसे करें आवेदन-Video

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CBSE Re-Evaluation: सीबीएसई (CBSE) 12वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद के बीच जहां लाखों छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं तो इसी बीच बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है. दरअसल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने आखिरकार Verification of Marks और Re-evaluation Portal खोल दिया है.

ऐसे में अब वे छात्र जो अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी ले चुके हैं वे अपने अंकों के सत्यापन और री-इवैल्युएशन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसको लेकर बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि आवेदन की यह प्रक्रिया 6 जून 2026 तक जारी रहेगी. इस तरह से जो छात्र अपने अंकों को लेकर कोई संदेह कर रहे हैं , वे तय समय के अंदर आवेदन कर सकते हैं.

CBSE ने दी जानकारी

पोर्टल शुरू होने को लेकर CBSE ने अपने आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर किया है और लिखा कि वेरिफ‍िकेशन (Verification)और री इवैल्‍युएशन (Re-evaluation Portal) पोर्टल को अब लाइव कर दिया गया है. साथ ही छात्रों से आवेदन करने से पहले पूरी प्रक्रिया समझने के लिए वीडियो देखने की भी अपील की गई है. CBSE ने ये भी कहा कि छात्र स्टेप-बाय-स्टेप निर्देशों का पालन करते हुए आसानी से आवेदन कर सकते हैं.

CBSE ने दी जानकारी

पोर्टल शुरू होने को लेकर CBSE ने अपने आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर किया है और लिखा कि वेरिफ‍िकेशन (Verification)और री इवैल्‍युएशन (Re-evaluation Portal) पोर्टल को अब लाइव कर दिया गया है. साथ ही छात्रों से आवेदन करने से पहले पूरी प्रक्रिया समझने के लिए वीडियो देखने की भी अपील की गई है. CBSE ने ये भी कहा कि छात्र स्टेप-बाय-स्टेप निर्देशों का पालन करते हुए आसानी से आवेदन कर सकते हैं.

री-इवैल्युएशन के लिए इस तरह करें आवेदन

री-इवैल्युएशन के लिए आवेदन में सबसे पहले छात्र अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त कर लें. इसके बाद इसको ध्यान से चेक करें और फिर देखें कि कहीं कोई उत्तर छूट तो नहीं रहा है, इसके जोड़ में कोई गलती तो नहीं है कोई पेज गायब तो नहीं है या मूल्यांकन में कोई गलती तो नहीं की गई है. यही इस तरह की कोई भी गड़बड़ी देखने को मिले तो मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए आवेदन करें. तो वहीं यदि किसी विशेष प्रश्न में अंक कम दिए गए हैं या मूल्यांकन सही से नहीं किया गया है तो उस प्रश्न के लिए री-इवैल्युएशन के लिए आवेदन करें.

OSM विवाद के बीच खोल दिया गया पोर्टल

बता दें कि री-इवैल्युएशन प्रक्रिया को ऐसे समय शुरू किया गया है जब CBSE का नया On Screen Marking (OSM) सिस्टम लगातार विवाद में है. मालूम हो कि पहली बार बोर्ड ने बड़े पैमाने पर डिजिटल चेकिंग सिस्‍टम लागू किया था जिसमें परीक्षक छात्रों की स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कर रहे थे और जब रिजल्ट जारी हुआ तो सोशल मीडिया पर कई छात्रों ने मूल्यांकन को लेकर सवाल खड़े किए और तमाम खामियां गिनाई. कुछ छात्रों ने कम अंक मिलने की शिकायत की तो कुछ ने स्कैन कॉपी में गड़बड़ी, धुंधली तस्वीरें और उत्तरों के सही मूल्यांकन न होने जैसा बड़ा आरोप लगाया. इसी के बाद अन्य छात्रों में भी री-इवैल्युएशन प्रक्रिया को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई थी. फिर लगभग 4 लाख से अधिक आवेदन आए.

तो वहीं सीबीएसई ने OSM विवाद और छात्रों की शिकायतों के बीच पोस्ट-रिजल्ट सेवाओं की फीस में भी अच्छी-खासी कटौती की है. अब प्रति विषय स्कैन कॉपी 100 रुपये, मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए प्रति विषय 100 रुपये और री-इवैल्युएशन प्रति प्रश्न 25 रुपये की फीस निर्धारित की गई है. जबकि पहले स्कैन कॉपी के लिए 700 रुपये, मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए 500 रुपये और री-इवैल्युएशन के लिए 100 रुपये प्रति प्रश्न की फीस ली जाती थी. फिलहाल इसको घटा दिया गया है. इस तरह से बोर्ड ने अपनी हो रही छीछालेदर के बीच छात्रों को बड़ी राहत दी है और शुल्क में भारी कमी की है.

साथ ही ये भी कहा गया है कि नंबर बढ़े तो फीस भी वापस कर दी जाएगी.

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