Healthy Life style:सर्दी-सिरदर्द चुटकियों में ठीक करे तुलसी का शर्बत, बढ़ाए रोग प्रतिरोधक क्षमता, जानें बनाने की विधि, गैस-एसिडिटी का रामबाण इलाज है तुलसी अमृत
आयुर्वेदाचार्य रोहित यादव बताते हैं कि तुलसी की पत्तियां अमृत हैं। यह पौधा यूं ही पूजनीय नहीं बनाया गया। इसमें ढेरों औषधीय गुण भी हैं। इसीलिए इस पेड़ को सुरक्षित रखने के लिए हिंदू धर्म में धर्म-अध्यात्म से जोड़ दिया गया, ताकि इसे कोई नुकसान न पहुंचा सके और तुलसी जी हर घर में पाई जाएं। इसीलिए करीब-करीब हर घर में तुलसी का पौधा देखने को मिल जाता है। कहते हैं जहां ये पौधा होता है उसके आस-पास किसी तरह का संक्रमण नहीं पहुंचता।
देखें कैसे बनेगा तुलसी का शर्बत
तुलसी का शर्बत स्वास्थ्यवर्धक और स्वादिष्ट पेय है। तुलसी की पत्तियों से गुड़ और नीबू के साथ मिलकर स्वादिष्ट पेय तुलसी अमृत (तुलसी का शर्बत) बनाया जाता है। यह स्वादिष्ट होने के साथ साथ जुकाम, खांसी, सिरदर्द और पेट के गैस और एसिडिटी रोगों को भी चुटकियों में खत्म कर देता है। पाचन के लिये अच्छा होता है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
ये है आवश्यक सामग्री
तुलसी की पत्तियां- आधा कप (100 पत्तियां)
गुड़ – 3/4 कप
नीबू – 5 नीबू का रस (मध्यम आकार के नीबू)
छोटी इलाइची – 7-8 नग
पानी – 10 कप
शर्बत बनाने की विधि
तुलसी की पत्तियों को लें।
नीबू का रस निकाल लें।
तुलसी की पत्तियाँ और इलाइची को नीबू के रस के साथ बारीक पीस लें।
पानी में गुड़ डालकर उबलने रख दीजिये। पानी में उबाल आने और गुड़ घुलने के बाद गैस बन्द कर दें।
पानी जब थोड़ा गरम रह जाय, तब गुड़ घुले पानी में तुलसी और इलाइची का पेस्ट जो नीबू के रस के साथ बानाया है, मिला कर 2 घंटे के लिये ढक कर रख दें।
अच्छी तरह ठंडा होने के बाद तुलसी का शर्बत छान लीजिये, स्वादिष्ट तुलसी अमृत तैयार है।
गर्मी के मौसम में ठंडा या नार्मल तापमान पर तुलसी अमृत अर्थात शर्बत पी सकते हैं और सर्दियों में गरम- गरम चाय की तरह इसे ले सकते हैं। इसे फ्रिज में रखकर करीब 15 दिन कर इस्तेमाल कर सकते हैं।