Earthquake: चीन-जापान में भूकंप के तेज झटके… दुनिया के इस देश को भी वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी; फटेगी धरती और मचेगी तबाही-Video

June 16, 2026 by No Comments

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Earthquake: चीन और जापान से बड़ी खबर सामने आ रही है. इन दोनों देशों में शक्तिशाली भूकंप आया है जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं. जापान के होनशू द्वीप पर 6.0 और चीने के उत्तरी किंगहाई प्रांत में 6.1 तीव्रता का भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं.

सोशल मीडिया पर वायरल खबरों के मुताबिक, भूकंप के झटके इतने तेज थे कि जमीन फट गई है तो कई ईमारतें भी क्षतिग्रस्त हुई है. तो वहीं एक की मौत और कई लोगों के घायल होने की खबर सामने आ रही है.

चीनी मीडिया के मुताबिक, किंघाई प्रांत के हाइक्सी शहर में 40 मिनट के भीतर आठ भूकंप के झटके लगे हैं जिससे इलाके में एक निर्माण स्थल के पास भूस्खलन हुआ है. भूकंप की तीव्रता 4.3 रही. तो वहीं जापान के इबाराकी प्रांत में 5.5 तीव्रता का भूकंप आया (टोक्यो क्षेत्र में भी इसके झटके महसूस किए गए) है. फिलहाल किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है.

मालूम हो कि हाल ही में दुनिया के कई देशों में भूकंप के तेज झटकों ने भारी तबाही मचाई है. 8 जून को फिलीपींस के दक्षिणी द्वीप मिंडानाओ के तट के पास भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे. 7.8 तीव्रता के साथ लगे भूकंप के इस झटके में कम से कम 61 लोगों की मौत हो गई थी, तो वहीं 40 लोगों के लापता होने की खबर सामने आई थी.

धरती में समा जाएगा लॉस एंजिल्स

इसी बीच वैज्ञानिकों ने अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य को भी भूकंप को लेकर चेतावनी दी है और कहा है कि साउथ में सैन एंड्रियास-सैन जैसिंटो फॉल्ट लाइनों पर पड़वे वाला दबाव अपने चरम पर पहुंच चुका है. वैज्ञानिकों का कहना है कि इन लाइनों पर बीते करीब 1000 साल से दबाव पड़ रहा है. वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि दोनों फॉल्ट्स आपस में टकराकर विनाशकारी भूकंप ला सकते हैं. अगर ऐसा हो जाता है कि तो सैन एंड्रियास और सैन जैसिंटो फॉल्ट लाइन के बीच स्थित लॉस एंजिल्स शहर धरती के अंदर समा जाएगा.

यूनिवर्सिटी ऑफ हवाई और यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के वैज्ञानिकों ने इन लाइनों को लेकर फिजिक्स-बेस्ड मॉडल के जरिए अध्ययन किया गया है. अध्ययन में पाया गया है कि 1000 ईस्वी (CE) से लेकर इस साल यानी 2026 तक इन लाइनों पर दबाव पड़ा है. जिससे लॉस एंजेलिस और रिवरसाइड शहरों की जमीन के नीचे लावा धधक रहा है और यही वजह है कि धरती लगातार गर्म हो रही है और दबाव बढ़ता जा रहा है.

यही नहीं वैज्ञानिकों ने धरती के अंदर होने वाली हलचलों और टेक्टोनिक प्लेटों के दबाव को समझने के लिए शोध किया है. इसके लिए  कंप्यूटर की मदद ली गई. इस पर अध्ययन में सामने आया है कि सैन एंड्रियास फॉल्ट के मोजावे साउथ इलाके में दबाव बढ़कर 2.8 मेगापास्कल तक पहुंच चुका है तो वहीं सैन जैसिंटो फॉल्ट की बरनार्डिनो स्ट्रैंड पर और अधिक 3.6 मेगापास्कल (MPa) का दबाव दर्ज किया गया है. अगर यह और बढ़ता है, तो धरती फट सकती है.

वैज्ञानिकों ने अध्ययन में ये भी पाया है कि धरती के नीचे की चट्टानें सहनशीलता की आखिरी सीमा पर हैं. तो वहीं काजोन पास के करीब महाभूकंप का संभावित केंद्र भी होने की सम्भावनी है. तो वहीं इसी जगह पर सैन एंड्रियास और सैन जैसिंटो फॉल्ट्स बेहद पास ही हैं. इस स्थान को फॉल्ट लाइनों का मेन जंक्शन या संपर्क बिंदु कहा जा सकता है.

कांपेगी दूसरी फॉल्ट लाइन भी

वैज्ञानिकों ने कहा कि अध्ययन में पता चला है कि काजोन पास के नीचे दोनों फॉल्ट लाइनें को आपस में जुड़ी हुई हैं और अगर एक फॉल्ट पर भूकंप आता है, तो उसकी वजह से दूसरी फॉल्ट लाइन भी कापेंगी. जो कि अभी तक के इतिहास का सबसे बड़ा और विनाशकारी भूकंप साबित हो सकता है.

वैज्ञानिकों का दावा है कि इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 8 हो सकती है जिसकी वजह से साउथ कैलिफोर्निया के बहुत बड़े इलाके में भारी तबाही मच सकती है.

1857 में आया था बड़ा भूकंप

वैज्ञानिकों के बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं जिसमें कहा गया है कि 1857 के बाद कैलिफोर्निया में सैन एंड्रियास के मोजावे साउथ इलाके में अभी तक कोई बड़ा भूकंप नहीं आया है. बीते 150 साल से मोजावे साउथ सेगमेंट पूरी तरह से शांत दिख रहा है जो कि किसी बड़े तूफान के आने से पहले की शांति मालूम पड़ता है.

फिलहाल अध्ययन टीम के मुख्य वैज्ञानिकों का कहना है कि इस अध्ययन की कॉपी अमेरिका की सरकार को भेज दी गई है क्योंकि फॉल्ट जब भी टूटेगा तो भारी तबाही मचेगी. इसके लिए पहले से ही सरकार को तैयार होना होगा.

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