Kaali Poster Controversy:उत्तर प्रदेश की राजधानी में “काली” के निर्माता और प्रोड्यूसर समेत तीन पर मुकदमा दर्ज, अधिवक्ता ने दर्ज कराया मामला, मां काली का सिगरेट पीते हुए पोस्टर किया गया है वायरल
लखनऊ। टोरंटों की रहने वाली भारतीय मूल की फिल्ममेकर लीना मणिमेकलाई के खिलाफ सोशल मीडिया पर गिरफ्तार करने की मांग बढ़ने के बाद ही उन पर एक के बाद एक मुकदमा भी दर्ज होना शुरू हो गया है। 4 जून को जहां देश की राजधानी में एक अधिवक्ता ने मामला दर्ज कराया था, वहीं मंगलवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी एक अधिवक्ता द्वारा लीना के साथ ही तीन अन्य लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।
बता दें कि लीना ने अपनी फिल्म काली का पोस्टर वायरल किया है, जिसमें मां काली को सिगरेट पीता हुआ दिखाया गया है। इसी के साथ पोस्टर में दिखाई दे रहा है कि उनके हाथ में एलजीबीटीक्यू का झंडा है। इस पूरे मामले से हिंदूओं की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाने वाली लीना के खिलाफ लखनऊ सिविल कोर्ट के अधिवक्ता वेद प्रकाश शुक्ला ने फिल्म के निर्माता लीना मणीमेकलाई, एशोसियेट प्रोड्यूसर और एडिटर श्रवण ओनाचन के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।

इस मामले में इंस्पेक्टर हजरतगंज अखिलेश मिश्र ने बताया कि अधिवक्ता मूल रूप से उन्नाव जनपद के अचलगंज पडरी कला के रहने वाले हैं। यहां पुराना हाईकोर्ट गेट नंबर आठ के पास रहते हैं। अधिवक्ता के मुताबिक सोमवार को उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर एक चित्र वायरल होते देखा। जिसमें हिंदू की आराध्य देवी काली को सिगरेट पीते दिखाया गया है। इस चित्र से लोगों में आक्रोश है। यह हिंदुओं के धर्म का अपमान है। इससे कोई भी अप्रिय घटना भी हो सकती है, क्योंकि हिंदू आस्था का मजाक उड़ाया गया है। हिंदू देवी को अत्यंत विदुपित ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि वायरल पोस्टर के आधार पर फिल्म काली के निर्माता निर्देशक लीलामणी मेकलाई, एशोसिएट प्रोड्यूसर आशा ओनाचन, एडिटर श्रवण के खिलाफ मुकदमा धार्मिक भावनाएं भड़काने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। फिल्म का पोस्टर और वायरल ट्वीट की फोटो और साक्ष्य लेकर मामले की जांच की जा रही है।