Bangkok:कानपुर के आचार्य को थाइलैंड के अधिकारिक व प्रमुख विष्णु मंदिर का बनाया गया मुख्य पुजारी, राजा द्वारा अनुदानित 103 साल पुराने मंदिर में भगवान राम पहनते हैं हीरे जड़े सोने का मुकुट, देखें मंदिर की भव्यता

July 10, 2022 by No Comments

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उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के आचार्य ओमहरि शर्मा “सारस्वत” को थाइलैंड के अधिकारिक व प्रमुख विष्णु मंदिर का मुख्य पुजारी नियुक्त किया गया है। इसके लिए उनको आमंत्रित किया गया था। इस पर वह दो दिन पहले ही भारत से थाइलैंड की राजधानी बैंकॉक पहुंचे तो उनको फूल-माला के साथ स्वागत किया गया। रविवार को एक कार्यक्रम के तहत उनको अधिकारिक रूप से हिंदू धर्म सभा विष्णु मंदिर का घोषित कर दिया जाएगा।

बैंकॉक के एयरपोर्ट पर आचार्य ओमहरि शर्मा का किया गया स्वागत

थाइलैंड से फोन के जरिए आचार्य ओमहरि शर्मा ने बताया कि उनको इस मंदिर के मुख्य पुजारी के लिए थाइलैंड आमंत्रित किया गया था। थाइलैंड की राजधानी बैंकॉक पहुंचने पर एयरपोर्ट पर ही उनकी स्वागत फूल माला पहनाकर किया गया। आचार्य ने बताया कि सनातन धर्म के प्रति लोगों में यहां इतनी श्रद्धा है कि जिस शख्स ने उनको फूल-माला पहनाई, उस वक्त उन्होंने चप्पल तक उतार दी थी। रविवार को एक भव्य कार्यक्रम के तहत उनको पद की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जिसका लाइव प्रसारण फेसबुक पर किया जाएगा।

थेवन तिवारी परिवार द्वारा राम दरबार के लिए हीरे जड़ित मुकुट किया गया है दान

आचार्य ने बाताया कि हिंदू धर्म सभा विष्णु मंदिर 103 साल का प्राचीन मंदिर है। यह थाइलैंड का मुख्य हिंदू मंदिर है। अगर कोई चाहे कि कोई दूसरे मंदिर का निर्माण कर ले तो वो तब नहीं हो सकता, जब तक इस मंदिर का अनुमति नहीं होगी। यह मंदिर यहां के राजा द्वारा अनुदानित मंदिर है। इस मंदिर के प्रधान विनोद सिंह हैं। इस मंदिर की लोकप्रियता इतनी है कि थेवन तिवारी परिवार द्वारा राम दरबार के लिए हीरे जड़ित सोने का मुकुट दान किया गया है। बता दें कि थेवन तिवारी वही शख्स हैं जिन्होंने कोरोना महामारी के दौरान भारत से दवाइयां खरीद कर पूरे थाइलैंड में मुफ्त में बटवाई थीं। वह दान-धर्म के कार्य में सबसे आगे रहते हैं। आचार्य बताते हैं कि दान की बात आती है, तो वह तुरंत सबसे पहले हाथ बढ़ाते हैं।

इस तरह अस्तित्व में आया था विष्णु मंदिर
आचार्य बताते हैं कि 103 साल पहले जब हिंदू समाज थाइलैंड रहने के लिए पहुंचे थे, तभी यह मंदिर अस्तित्व में आया था। उस समय यहां हिंदुओं का कोई मंदिर नहीं था। वर्तमान में उन्हीं परिवारों की चौथी-पांचवी पीढ़ी मंदिर की देख-रेख में जुटी हुई है। यहां हिंदू धर्म के हर जाति के लोग, जो सनातन को मानते हैं, सभी मंदिर में सेवा भाव के साथ लगे रहते हैं।

अपनी पूजा शैली से थाइलैंड के मंदिर में लोकप्रिय हो गए आचार्य ओमहरि शर्मा
आचार्य ओमहरी शर्मा बताते हैं कि 2016 में वह जम्मू कश्मीर गए थे। वहां दुर्गा जी का यज्ञ चल रहा था, उसी में पूजा कराने के लिए आचार्य बन कर पहुंचे थे। यहीं पर थाइलैंड से भी कई भक्त, आचार्य व ब्राह्मण पहुंचे थे। इसी दौरान आचार्य ललित मोहन व्यास जी को मेरी पूजा शैली खासी पसंद आई और उन्होंने मुझे थाइलैंड बुला लिया। विष्णु मंदिर से करीब 8 किलोमीटर की दूरी पर साउ छिन्छा जगह पर हिंदू समाज देव मंदिर स्थित है, यहीं पर करीब दो साल तक रहे और देवी जी का सुंदर यज्ञ कराया था। यहीं पर विष्णु मंदिर के जिम्मेदारों ने मेरी पूजा शैली देखी, जो कि उनको बहुत पसंद आई। इस पर जब उनको आवश्यकता पड़ी तो उन्होंने सबसे प्राचीन मंदिर का मुख्य पुजारी बना दिया।

यहां से प्राप्त की है शास्त्री और आचार्य की शिक्षा
आचार्य ओमहरि शर्मा ने सम्पूर्णानन्द विश्वविद्यालय बनारस से शास्त्री और आचार्य की शिक्षा प्राप्त की है। इसके बाद वेदाचार्य का पठन-पाठन विष्णू आश्रम बिहार घाट नरोरा बुलंदशहर से 1992-93 में किया और इसी के बात आचार्य का कार्य कर रहे हैं। उनको करीब 30 साल हो गए हैं इस क्षेत्र से जुड़े हुए। आचार्य ओमहरी शर्मा के दो पुत्र और एक पुत्री है। एक पुत्र दिल्ली विश्वविविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं और आईएएस बनना चाहते हैं तो दूसरे पुत्र आईआईटी में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं। वहीं पुत्री अभी इंटर में हैं और मेडिकल क्षेत्र में जाने की तैयारी कर रही हैं। पूरा परिवार कानपुर में ही रहता है।

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