UP Crime: गैंगरेप के बाद नाबालिग बच्ची को सड़क पर नग्न अवस्था में दौड़ाने के मामले में पुलिस ने कहा ऐसी कोई घटना ही नहीं हुई, सीसीटीवी फुटेज वायरल, महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा, “अपराधियों के हौसले बुलंद”, अखिलेश ने प्रदेश सरकार को घेरा
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से सामने आई एक रेप की घटना में नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने इस घटना से साफ इंकार करते हुए कहा है कि लड़की मानसिक विक्षिप्त है और ऐसी कोई घटना ही नहीं हुई। जबकि हाल ही में सोशल मीडिया पर एक सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ था, जिसमें लड़की के नग्न अवस्था में सड़क पर दौड़ते हुए देखा गया था और कुछ बाइक सवारों को भी उसके पास से गुजरते हुए देखा गया था। इस मामले में अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है।
इस कथित रेप मामले में मीडिया सूत्रों के मुताबिक इस मामले में घटना के बाद ही लड़की के फूफा ने मामला दर्ज करा दिया था, लेकिन खबर आ रही थी कि पूरे मामले को मैनेज किया जा रहा है। इसी के बाद खबर सामने आई कि लड़की के माता-पिता से जो बयान हुआ है, उसमें उन्होंने घटना से साफ इंकार करते हुए कहा है कि उनकी लड़की मानसिक रूप से ठीक नहीं है।
जबकि इस घटना के वीडियो को महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालिवाल ने भी शेयर करते हुए लिखा है कि, “मुरादाबाद में गैंगरेप के बाद आरोपियों ने सड़क पर नग्न अवस्था में नाबालिग बच्ची को घुमाया। सोचिए आज हमारे देश में अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं। आज कड़े कदम नहीं उठाए गए तो एक दिन स्तिथि काबू से बाहर चली जाएगी।” इसी के साथ तमाम मीडिया ने इस सीसीटीवी फुटेज को वायरल करते हुए दुष्कर्म होने का दावा किया है, लेकिन पुलिस इस बात से नकार रही है। तो वहीं बच्ची के परिजनों ने उल्टे फूफा पर ही राजनीति करने का आरोप लगाते हुए ऐसी किसी भी घटना से इंकार किया।
मुरादाबाद पुलिस ने भी एक वीडियो वायरल करते हुए जानकारी दी थि कि मामला 7 सितम्बर 2022 का है। इस मामले में बच्ची के फूफा की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया है, लेकिन माता-पिता ने घटना से इंकार किया है, लेकिन साक्ष्यों के आधार पर नौशे को गिरफ्तार कर अन्य की गिरफ्तारी के लिए तलाश की जा रही है, लेकिन 22 सितम्बर को एसएसपी हेमंत कुटियाल का बयान सामने आया है।
एएनआई को दिए बयान में उन्होंने कहा कि जनपद मुरादाबाद थाना भोजपुर का एक वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में एक लड़की पैदल चलती हुई दिखाई दे रही है। लड़की के फूफा ने 6 तारीख को एक सूचना दी कि लड़की के साथ यौन शोषण हुआ है। इसी के साथ उन्होंने आगे बताया कि FIR दर्ज़ करके मजिस्ट्रेट के सामने जो बयान दर्ज़ हुआ उसमें लड़की के माता-पिता ने बताया कि उसके साथ कोई घटना नहीं हुई और लड़की को बचपन से ही मानसिक रूप से कुछ दिक्कतें रही हैं। इसके बाद हमने लड़की का मेडिकल जांच कराया जिसमें यौन शोषण की पुष्टि नहीं हुई।
पता चला कि एक गवाह ने एक अभियुक्त को मौके पर देखा है, उसे जेल भेजा गया। गांववालों और लड़की के परिजनों ने हलफ़नामा देकर बताया कि गांव में प्रचलित राजनीति के कारण लड़की के फूफा ने एक व्यक्ति के साथ मिलकर 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज़ कराया है। इस पूरे मामले की विवेचना जारी है। SSP हेमंत कुटियाल के बयान का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अब सवाल ये उठता है कि जब लड़की के परिजनों को मालूम था कि उनकी लड़की मानसिक रूप से ठीक नहीं है तो फिर घर पर उसे अकेला क्यों छोड़ा कि वह नग्न अवस्था में सड़क पर आ गई, वो भी रात में।