Amrit Mahotsav:देश के अमन-चैन के लिए श्रीनगर से दिल्ली तक तिरंगा लेकर दौड़ीं असिस्टेंट कमिश्नर GST, पति और भाई ने किया प्रोत्साहित, इंडिया गेट पर हुआ भव्य स्वागत, कल पहुंचेंगी लखनऊ
पूरे देश के नागरिकों पर आजादी के अमृत महोत्सव का खुमार किस कदर चढ़ा है, ये इसी के मालूम होता है कि हर घर पर तिरंगा लहरा रहा है और हर कोई अपने मन मुताबिक देश का अमृत महोत्सव मना रहा है। इसी कड़ी में विभूतिखंड स्थित वाणिज्य कर विभाग में तैनात असिस्टेंट कमिश्नर अंजलि चौरसिया ने देश में अमन-चैन और शांति की अलख जगाने के लिए तिरंगा लेकर 10 साथियों के साथ निकलीं।
उन्होंने श्रीनगर के अतिसंवेदनशील लाल चौक पर पांच अगस्त को झंडा फहराकर दिल्ली इंडिया गेट के लिए दौड़ शुरू की थी, जो कि रविवार शाम को सोनीपथ पर समाप्त हो गई। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उनके इंडिया गेट दिल्ली पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। एथलीट और अन्य लोगों ने उनका सम्मान किया।

हाथ में तिरंगा और वंदेमातरम के उदघोष व भारत माता के जयकारे के साथ असिस्टेंट कमिश्नर अंजलि और उनके ग्रुप के 10 अन्य लोग तीन से चार लोगों की टोली में रोजाना 30 से 40 किमी दौड़ रहे हैं। अंजलि के साथ उनके कोच अरुन मिश्रा के अलावा अरुन भारद्वाज इसके साथ ही दिल्ली के रहने वाले अनूप शर्मा, रितेश, मोनिका तांब्रा, छत्तिसगढ़ के धीरज पांडेय, कर्नाटक के रमेश एन एस, महाराष्ट्र के चिराज जैन और राजस्थान के मोनू मीना शामिल हैं। बता दें कि इंडिया गेट पर स्वागत के दौरान दिल्ली भाजपा सांसद मनोज तिवारी, एथलीट दीपा मलिक आदि मौजूद रहे।
829.1 किमी की दौड़ में हर गांव-कस्बे में हुआ स्वागत
अंजलि ने बताया कि लाल चौक से दिल्ली की दूरी 829.1 किमी है। इस दौरान उनका हर एक जनपद, गांव व कस्बे में सम्मान हुआ। रास्ते में पड़ने वाले हर शहर और गांव में लोगों को अमन चैन बनाए रखने, हर घर तिरंगा और एक भारत श्रेष्ठ भारत का संदेश दिया। अंजली बताती हैं कि वह लखनऊ में ही पली-बढ़ी हैं। दौड़ की प्रैक्टिस करती रहती हैं। स्टेडियम में 12-12 घंटे तक लगातार दौड़ते रहने की उनकी प्रैक्टिस है। वह मैराथन के साथ ही साइकिल रेस में भी हिस्सा ले चुकी हैं। उनके भाई शेखर भी जीएसटी विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर हैं। पति मनोज कुमार और भाई ने उनका हौसला बढ़ाया और फिर उन्होंने देश के लिए यह बड़ा कदम उठाया।
पिता ने दिखाई देशभक्ति की राह
अंजलि बताती हैं कि उनके पिता छोटे लाल चौरसिया ने ही उन्हें देशभक्ति की राह दिखाई। बीते साल कोरोना के कारण उनका निधन हो गया था। पिता से देशभक्ति, संघर्ष और समाजसेवा सीखी है। अंजलि ने बताया कि उनके पिता समाजसेवी थें। उन्होंने पान किसानों को उनका हक दिलाने के लिए बहुत संघर्ष किया। उनके इसी संघर्ष को देखकर वह बड़ी हुई हैं। इसीलिए अपने देश से बहुत प्यार करती हैं। इसी वजह से जब अमृत महोत्सव का आगाज हुआ तो उन्होंने श्रीनगर के अतिसंवेदनशील इलाके से तिरंगा लेकर दिल्ली तक दौड़ लगाने की ठान ली ताकि जन-जन तक देश भक्ति की अलख जगा सकें।