Azam Khan Hate Speech Case: हेट स्पीच मामले में आजम खान की गई विधायकी, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने की कार्रवाई, देखें भड़काऊ भाषण वाला वीडियो
लखनऊ। हेट स्पीच मामले (Hate Speech Case) में तीन साल की सजा होने के बाद रामपुर से सपा विधायक आजम खान को एक और बड़ा झटका लगा है। जुमे के दिन (शुक्रवार) को आजम खान की विधानसभा की सदस्यता को रद्द कर दिया गया है। सजा मिलने के बाद खान के लिए यह दूसरा सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।
मीडिया सूत्रों के मुताबिक शिकायतकर्ता आकाशदास सक्सेना की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने यह कार्रवाई की है। आकाश सक्सेना ने विधानसभा अध्यक्ष के अलावा केन्द्रीय चुनाव आयोग को भी सदस्यता रद्द करने की शिकायत भेजी थी। कोर्ट के आदेश के बाद चुनाव आयोग ने शुक्रवार को उनकी सदस्यता निरस्त कर दी तो उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने उनकी विधानसभा सीट रामपुर को रिक्त घोषित कर दिया है। इसी के साथ सचिवालय ने इसकी जानकारी चुनाव आयोग को भी भेज दी है। यह संयोग है कि पिछली विधानसभा के कार्यकाल के दौरान आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आज़म की सदस्यता को भी खत्म कर दिया गया था। इस बार उनकी सदस्यता खत्म हुई है। इस तरह से माना जा रहा है कि बेटे के साथ ही पिता की भी कुंडली जुड़ गई है।
देखें पिछली विधानसभा में किन चार विधायकों की गई थी सदस्यता
कुलदीप सेंगर को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
भाजपा विधायक अशोक चंदेल हमीरपुर सदर सामूहिक हत्याकांड में सजा मिलने के बाद।
सपा विधायक स्वार (रामपुर) अब्दुल्ला आजम की सदस्यता रद्द हो चुकी है।
खब्बू तिवारी भाजपा विधायक गोसाईंगंज फैजाबाद फर्जी मार्कशीट मामले में सजा
रामपुर में होगा उपचुनाव
फिलहाल रामपुर की सीट रिक्त होने के बाद यहां उपचुनाव होगा। रामपुर सीट मुस्लिम बाहुल्य सीट है। यह सीट आजम खां का पुराना गढ़ मानी जाती है। राजनीतिक गलियारों में ये चर्चा का विषय है कि अब इस सीट पर होने वाले उपचुनाव को देखना काफी दिलचस्प होगा। सवाल यह है कि आजम के परिवार के किसी सदस्य को सपा प्रत्याशी बनाएगी या उनके परिवार के बाहर के व्यक्ति को टिकट मिलेगा। आजम खां का बेटा अब्दुल्ला आजम बगल की स्वार सीट से विधायक है। संभव है कि सपा उनकी पत्नी व पूर्व सांसद तंजीन फातिम को उपचुनाव लड़ाए। वह पहले भी विधायक रह चुकी हैं।
ये था मामला
आजम खान के खिलाफ तीन धाराओं में केस दर्ज हुआ था। तीनों ही मामलों में उन्हें दोषी माना गया था। 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान आजम खान पर भड़काऊ भाषण देने का मामला दर्ज किया गया था। उन पर आरोप है कि भाषण के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था।
चुनाव के दौरान दर्ज हुए थे कई मामले
बता दें कि भड़काऊ भाषण देने का यह मामला साल 2019 के लोकसभा चुनाव का है। मीडिया सूत्रों के मुताबिक आजम खान लोकसभा का चुनाव लड़ रहे थे। तब सपा और बसपा का गठबंधन था। आजम खान चुनाव जीत गए थे, लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान उनके खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन के कई मामले विभिन्न थानों में दर्ज हुए थे। इसमें एक मामला मिलक कोतवाली में हुआ था, इस मामले में उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों और तत्कालीन जिलाधिकारी के लिए अपशब्द कहे। धमकी दी और दंगा भड़काने का प्रयास किया। उनके द्वारा वर्ग विशेष से धर्म के नाम पर वोट की अपील की गई। इन आरोपों के साथ वीडियो अवलोकन टीम के प्रभारी अनिल कुमार चौहान की ओर से आजम खान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।