सावधान: KGMU-PGI में संविदा पर नौकरी दिलाने वाले लोग हैं सक्रिय, बेरोजगार महिलाएं हैं टारगेट पर, ठग रहे हैं लाखों, खुद को बताते हैं मंत्री-अफसरों का करीबी, एसटीएफ को एक दर्जन जालसाजों की है तलाश
लखनऊ। एसटीएफ ने गुरुवार को तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है। ये तीनों खुद को मंत्रियों व नेताओं का करीबी बताकर लोगों को नौकरी के नाम पर झांसा देकर लाखों रुपये हड़पते थे। इन लोगों ने सबसे ज्यादा KGMU (किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी)-PGI (पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यू ऑफ मेडिकल साइंस) में संविदा पर एएनएम व जीएनएम की नियुक्ति कराने के नाम पर लाखों की ठगी की है। अपने काम को अंजाम देने के लिए ये लोग महिलाओं को ही टारगेट करते थे। इस गिरोह के सम्पर्क में रहे करीब एक दर्जन और लोगों को एसटीएफ तलाश रही है।
एसटीएफ के इंस्पेक्टर ज्ञानेन्द्र कुमार राय ने बताया कि पकड़े गये आरोपितों में आशियाना निवासी राम व्यास उर्फ गुड्डू सिंह, हुसैनगंज के एफआई डिंगरा अपार्टमेंट निवासी शैलेश यादव और सैरपुर, मड़ियांव निवासी आदित्य श्रीवास्तव उर्फ दीपू हैं। आरोपित गुड्डू सिंह ने बताया कि उसने दो-तीन साल पहले अपने ही गांव के चदंन सिंह से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर आठ लाख रुपये ले लिये थे। गुडडू लोगों को चंगुल में फंसा कर आदित्य व शैलेश से मिलवाता था। फिर ये लोग बड़े अफसरों व मंत्रियों से खुद का परिचय बताकर रुपये हड़प लेते थे। बेरोजगारों से मिलने वाली रकम को ये लोग बांट लेते थे।
एसटीएफ ने जब इन लोगों के मोबाइल को खंगाला तो उसमें कई ऑडियो क्लिप मिली है, जिसमें पीड़ितों से रुपये के लेन-देन की बातचीत थी। साथ ही मेमोरी में लेन-देन का जिक्र भी मिला है। इसी आधार पर एसटीएफ आगे की पड़ताल कर रही है। इन तीनों की गिरफ्तारी विभूतिखंड में हयात होटल के पास की गई है। फिलहाल एसटीएफ इस केस से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी कर रही है।
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