एक दारोगा हटा सकेगा किसी भी मुख्यमंत्री को…कांग्रेस नेता दानिश अली ने दी बड़ी जानकारी-Video
Danish Ali News: सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेता कुंवर दानिश अली का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में वह बता रहे हैं कि एक दारोगा भी किसी भी मुख्यमंत्री को हटाने का अधिकार रखता होगा.
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्रियों और गंभीर आपराधिक आरोपों में फंसे मंत्रियों को हटाने संबंधी विधेयक को लेकर कहा कि “यह विधेयक ऐसा है जहां एक दारोगा मुख्यमंत्री को हटा सकेगा। इस विधेयक के पास होने से ऐसा कानून बनेगा कि कोई दरोगा किसी भी मुख्यमंत्री या केंद्र के मंत्री को हटाने का अधिकार रख सकेगा.” इसी के साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि विपक्ष का काम जनता की आवाज उठाना है. वह आगे बोले कि आप वोट चोरी करके बैठे हैं, उनको बेनकाब करने का काम ही विपक्ष का है. विपक्ष का काम सत्तापक्ष को समाज का आईना दिखाना है.
मालूम हो कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस बार संसद के मानसूत्र सत्र के दौरान महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश किए. इसमें से एक विधेयक गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तारी या हिरासत के मामले को फेस करने वाले निर्वाचित प्रतिनिधियों को हटाने का प्रावधान करता है। गौरतलब है कि यदि यह कानून लागू हो जाता है तो यह प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रियों पर लागू होगा।
इस विधेयक के प्रावधानों के अनुसार अगर कोई भी प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री या किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का मंत्री अगर न्यूनतम पांच वर्ष की जेल की सजा वाले अपराधों के संबंध में गिरफ्तार किया जाता है और लगातार 30 दिनों तक हिरासत में रहता है, तो उसे 31वें दिन तक इस्तीफा देना होगा। या इसका अनुपालन न करने की स्थिति में उन्हें स्वतः ही पद से हटा दिया जाएगा। इसी विधेयक को लेकर दानिश अली की प्रतिक्रिया सामने आई है.
अमित शाह ने पेश किए तीन प्रमुख विधेयक
इस मानसून सत्र के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीन प्रमुख विधेयक पेश किए जिनमें- केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025, संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 के साथ ही जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025।
बता दें कि संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से लगभग एक महीने तक चलने के बाद गुरुवार यानी कल समाप्त हो चुका है.इस दौरान पूरे मानसून सत्र के दौरान, कई मुद्दों पर विपक्ष के लगातार विरोध-प्रदर्शन के कारण सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित हुई। बता दें कि इस दौरान विपक्ष की मुख्य मांग आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बिहार में मतदाता सूची संशोधन पर विस्तृत चर्चा की जाए. इसी के साथ ही विपक्षी दलों ने भारत निर्वाचन आयोग ( ECI) और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर राज्य में मतदाता सूची में हेरफेर करने की साजिश रचने का बड़ा आरोप लगाया।
संयुक्त संसदीय समिति को भेजे गए प्रस्तावित विधेयक
बता दें कि सभी प्रस्तावित विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेज दिया गया है, जिसे अगले संसदीय सत्र के पहले दिन अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। इस सम्बंध में शाह ने भरोसा दिलाया है कि विपक्ष को आपत्तियां उठाने और समिति के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत करने का पर्याप्त मौका दिया जाएगा.
#WATCH हापुड़, उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्रियों और गंभीर आपराधिक आरोपों में फंसे मंत्रियों को हटाने संबंधी विधेयक पर कांग्रेस नेता कुंवर दानिश अली ने कहा, “यह विधेयक ऐसा है जहां एक दरोगा मुख्यमंत्री को हटाएगा। इस विधेयक के पास होने से ऐसा कानून बनेगा कि कोई दरोगा किसी भी मुख्यमंत्री… pic.twitter.com/qe5YDBBHdr
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 22, 2025