Eid Miladunnabi-2022: बारावफात 9 अक्टूबर को, प्रदेश भर में तैयारियां पूरी, पैगम्बर हजरत मुहम्मद का हुआ था जन्म, शहरों में निकलेंगे जुलूस,सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

October 9, 2022 by No Comments

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लखनऊ/कानपुर। इस्लामिक कैलेंडर के तीसरे महीने रबी-अल-अव्वल की 12वीं तारीख को मीलादउन नबी के रूप में मनाया जाता है। इसे ईद मिलादुन्नबी (बारावफात) कहा जाता है।

इस सम्बंध में अरशद अली बताते हैं कि मान्यता है कि इस दिन मक्का शहर में 571 ईस्वी में पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब का जन्म हुआ था। जन्म दिवस के उपलक्ष्य में इस्लाम धर्म के अनुयायी इसे जश्न के रूप में मनाते हैं और उनकी जीवन शैली और उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं पर रोशनी डालते हुए महफिले मिलाद का आयोजन होता है तथा मुस्लिम समुदाय के लोग जुलूस की शक्ल में नाते मुस्तफा (मो0 साहब के गुड़गान ) पढ़ते हुए निकलते हैं।

इस दिन जन्म दिवस के उपलक्ष में घरों में अच्छे पकवान/ मिष्ठान बनाकर एक दूसरे को खिलाकर खुशी साझा करते हैं और पूरे रबी उल अव्वल के महीने में घरों में तथा मोहल्लों में मिलाद शरीफ का आयोजन होता है जिसमें विद्वान मौलानाओं द्वारा अपने भाषणों में मोहम्मद साहब का जीवन परिचय और उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं पर रोशनी डाली जाती है।

प्रदेश भर में पूरी हुई तैयारी, जुलूस के वक्त के लिए किए गए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
मुस्लिम समाज के पर्व पर पूरे प्रदेश में तैयारी पूरी कर ली गई है। जुलूस ए मोहम्मदी रविवार 9 अक्टूबर को निकलेगी। इसके लिए जहां प्रदेश की राजधानी में पूरी तैयारी कर ली गई है, वहीं कानपुर सहित सभी जिलों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अगर बात करें कानपुर की तो यहां आयोजकों ने वालंटियर्स को जिम्मेदारी सौंपी है। जुलूस के पूरे रूट पर चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात रहेगी। बड़ी संख्या में एलआइयू की भी ड्यूटी लगाई गई है।

जुलूस के आयोजन में सादे कपड़ों में भी पुलिस बल तैनात रहेगा। ताकि हर संदिग्ध पर नजर रखी जा सके। पुलिस युवा मित्र व वालंटियर्स को भी ड्यूटी पर लगाया गया है। ड्रोन कैमरों से भी सुरक्षा व्यवस्था पर पूरी नजर रखी जाएगी। मीडिया सूत्रों के मुताबिक 123 ड्रोन कैमरों को आयोजन की निगरानी के लिये लगाया गया है। जुलूस मार्ग पर जगह-जगह पीटीजेड कैमरों को भी फिट किया गया। नीले वस्त्रों वाली आरएएफ की कंपनी को भी लगाया गया। पुलिस, पीएसी, आरएएफ के साथ पैरामिलेट्री फोर्स भी तैनाती की गई है। आगरा, मेरठ, प्रयागराज, वाराणसी आदि जनपदों से भी फोर्स को बुलाया गया है। पूरे रूट पर जगह-जगह बैरीकेडिंग लगाई गई है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और जूलुस को शांतिपूर्वक निकाला जा सके। बता दें कि कानपुर को संवेदनशील माना गया है। इसलिए मुस्लिम त्योहार पर भारी मात्रा में पुलिस फोर्स को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पुलिस आयुक्त ने की अपील
जुलूस-ए-मोहम्मदी के अवसर पर पुलिस आयुक्त बीपी जोगदण्ड एवं शहरकाजी, धर्म गुरुओं व मौलवियों की तरफ से सभी आयोजकों तंजीमों/अंजुमन से अपील की गई है कि पूरे आयोजन को बेहद अनुशासित एवं शांति पूर्वक ढंग से खुशी-खुशी मनाएं, किसी भी प्रकार के नियम व कानून का उल्लंघन न किया जाए। अगर कोई यह करता है तो उसके ऊपर कड़ी से कड़ी कारवाई की जाएगी। पुलिस आयुक्त ने अनुशासन एवं सुव्यवस्था का उदाहरण प्रस्तुत करने की अपील की है ताकि पूरे प्रदेश में आपके शहर एवं आयोजन का नाम आदर्श के रूप में लिया जाए।