Financial Terrorism: विमानों में बम की झूठी खबर से कंपनियो को लग रही करोड़ों की चपत…अब अपराधियों को दी जाएगी ये कड़ी सजा

October 21, 2024 by No Comments

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Financial Terrorism: भारत के कई राज्यों में कभी स्कूल तो कभी एयरपोर्ट में बम रखने की अफवाह लगातार सामने आ रही है तो वहीं इसी बीच हवाई जहाज में बम रखने की झूठी कॉल में लगातार इजाफा देखा जा रहा है. इस वजह से विमान की इमरजेंसी लैंडिग कराकर उसकी छानबीन आदि प्रक्रिया कराई जाती है. जानकार कहते हैं कि इस तरह की खबरों से विमानन कंपनियों को करोड़ों की चपत लग रही है. फिलहाल सरकार अब इस तरह की अफवाहों से निपटने के लिए कमर कस चुकी है. तो वहीं जानकारों का मानना है कि इस तरह की झूठी खबर से लगातार भारत को वित्तीय चोट पहुंचाई जा रही है. ये एक तरह का वित्तीय आतंकवाद (Financial Terrorism) है.

ताजा खबर सामने आ रही है कि रविवार को भी 25 विमानों में बम होने की धमकी दी गई थी. फिलहाल इन धमकियों को लेकर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के महानिदेशक आरएस भट्टी और नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) के महानिदेशक जुल्फिकार हसन ने केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन से उनके कार्यालय में मुलाकात की और गृह मंत्रालय को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर धमकी भरे फर्जी कॉल के बारे में जानकारी दी है. इसी के बाद केंद्र सरकार इस मामले में सख्त हुई है और अब कानून में बदलाव करने का फैसला किया गया है. इसी के साथ ही विमानों में झूठी खबर उड़ाने वाले अपराधी को जुर्माने के साथ ही कड़ी सजा भी देने के लिए कानून में बदलाव करने जा रही है.

नागरिक उड्डयन मंत्री ने कही ये बात

विमानों में बम की धमकी मिलने की झूठी खबरों पर नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने कहा, “अगर आवश्यक हुआ तो हमने मंत्रालय की तरफ से कुछ विधायी कार्रवाई के बारे में सोचा है. हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि ऐसे दो क्षेत्र हैं जिन पर हम काम कर सकते हैं-

1. विमान सुरक्षा नियमों में संशोधन। एन नियमों को बदलकर हम जो करना चाहते हैं, वह यह है कि अपराधी जब पकड़ा जाएगा तो हम उन्हें नो-फ्लाइंग सूची में डालना चाहते हैं।

2. नागरिक उड्डयन सुरक्षा अधिनियम के विरुद्ध गैरकानूनी कार्यों को खत्म करना।” उन्होंने ये भी कहा कहा, “हम इसे संज्ञेय अपराधों की सूची में डाल रहे हैं और उस संशोधन के आधार पर जुर्माने के साथ सजा भी दी जाएगी।”

हवाई अड्डों पर बढ़ाई गई सुरक्षा

बता दें कि विमानों में बम की झूठी धमकियों के मिलने के बाद गृह मंत्रालय ने हवाईअड्डों पर एहतियातन सुरक्षा व सतर्कता और अधिक बढ़ा दी है। इसी के साथ ही इन सभी झूठी धमकियों की रिपोर्ट भी मांगी है।

रविवार को मिली इतने विमानों को झूठी धमकी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार को विस्तार के साथ ही इंडिगो, एयर इंडिया और अकासा समेत 20 से अधिक भारतीय विमानों में बम की धमकी मिली। यही नहीं इंडिगो, विस्तारा और एयर इंडिया की तो 6-6 उड़ानों में बम होने की धमकी दी गई। इसको लेकर इंडिगो के प्रवक्ता ने मीडिया बयान में कहा कि इंडिगो की 6E 58 जेद्दा से मुंबई, 6E87 कोझिकोड से दम्मम, 6E11 दिल्ली से इस्तांबुल, 6E17 मुंबई से इस्तांबुल, 6E133 पुणे से जोधपुर और 6E112 गोवा से अहमदाबाद फ्लाइट में बम होने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विमानों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले हैंडल को ब्लॉक कर दिया गया। मालूम हो कि पिछले हफ्ते से अब तक 100 से अधिक उड़ानों में बम की धमकी दी जा चुकी है. सभी धमकियां अफवाह निकली हैं।

कंपनियों को होता है इतना नुकसान

बता दें कि विमानों को मिली बम की धमकी के बाद जब जांच हुई तो सभी सूचनाएं झूठी निकली हैं. गौरतलब है कि इन झूठी सूचनाओं से एयरलाइन कंपनियों को करीब 60 से 80 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ता है. दरअसल, अगर किसी विमान में बम होने की सूचना मिलती है तो फ्लाइट को अपने निर्धारित एयरपोर्ट की बजाय नजदीकी हवाई अड्डे पर उतारने के लिए कंपनी को मजबूर होना पड़ता है. इससे ईंधन की खपत तो अधिक होती ही है साथ ही विमान की जांच करने, यात्रियों को होटलों में ठहराने और उन्‍हें उनके गंत्‍वय तक पहुंचाने के लिए विमान की व्‍यवस्‍था करनी पड़ती है.

इन सब पर करीब तीन करोड़ रुपये तक खर्च हो जाते हैं. क्योंकि विमान में बम की सूचना मिलने के बाद तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग करवानी पड़ती है. तो वहीं जैसे कि किसी अन्य एयरपोर्ट पर विमान को उतारा जाता है तो पार्किंग शुल्क देना पड़ता है, किसी यात्री की अगर कोई कनेक्टिंग फ्लाइट होती है तो उसका मुआवजा एयरलाइन को यात्री को देना पड़ता है और अतिरिक्‍त क्रू मैंबर्स को ड्यूटी पर लगाना पड़ता है. इसके अलावा बम की धमकी मिलने पर किसी विमान को गंतव्य हवाई अड्डा हवा में होल्ड करने या वैकल्पिक हवाई अड्डे पर उतरने का निर्देश दे सकता है जिससे अतिरिक्त ईंधन की खपत होती है. इससे एयरलाइन अतिरिक्त आर्थिक भार उठाना पड़ता है. जानकार बताते हैं कि एक फ्लाइट के लिए हर घंटे ईंधन की लागत लाखों रुपये तक पहुंच सकती है.

इसे कहेंगे वित्तीय आतंकवाद

हवाई जहाज में बम रखने की मिल रही झूठी खबरों को लेकर एयरलाइंस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को जानकारी दी कि विमान में बम होने की धमकियों को “वित्तीय आतंकवाद” के रूप में देखा जाना चाहिए, क्योंकि यह एयरलाइंस के संचालन को प्रभावित करता है और भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाता है. उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की धमकियों से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है, ताकि यात्रियों को असुविधा और खौफ से तो बचाया ही जा सके, वहीं, विमानन कंपनियों को भी भारी आर्थिक नुकसान का सामना न करना पड़े.

इतना ईंधन हो गया बर्बाद

टाइम्‍स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार (14 अक्टूबर) को एयर इंडिया का बोइंग 777 विमान मुंबई से न्यूयॉर्क के जेएफके हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरी थी. इसमें उड़ान के दौरान करीब 130 टन जेट ईंधन भरा गया था, जो 16 घंटे की नॉन-स्टॉप यात्रा के लिए था. उड़ान भरने के तुरंत बाद, एयरलाइन को एक कॉल मिली जिसमें कहा गया कि विमान में बम है.

इसके बाद फ्लाइट को न्‍यूयॉर्क की बजाय दिल्ली वापस लाया गया लेकिन यह तुरंत लैंड नहीं कर सका. इसकी वजह ये सामने आई कि बोइंग 777 का अधिकतम लैंडिंग वजन 250 टन है, जबकि उड़ान के समय विमान का कुल वजन लगभग 340-350 टन था. इसके बाद अतिरिक्‍त वजन को कम करने के लिए 100 टन ईंधन को हवा में विमान को चक्‍कर कटवाकर जलाया गया. इससे एयरलांइस को करीब ₹1 करोड़ रुपये का घाटा हुआ.

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