Hathras Stampede: चमत्कारी मिट्टी ने ले ली 121 की जान…जानें क्या है मान्यता? , इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR बाबा का नाम शामिल नहीं, मृतकों के बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएगी योगी सरकार-Video

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Hathras Stampede: यूपी के हाथरस के सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र के गांव फुलरई में आयोजित भोले बाबा के सत्संग में मंगलवार को भगदड़ मचने स 121 लोगों की मौत हो गई है और 28 लोग घायल हैं. घायलों का हाल जानने के लिए सीएम योगी भी हाथरस पहुंचे तो वहीं लगातार घटना की जांच की जा रही है और इसकी वजह तलाशी जा रही है. हालांकि प्रथम दृष्ट्या सामने आया है कि बाबा जब कार्यक्रम से निकलने लगे तो उनका पैर छूने के लिए भीड़ एकदम से दौड़ी. इसी दौरान उनके सेवादारों ने भीड़ को पीछे धकेल दिया, जिससे भगदड़ मच गई. घटना में सबसे अधिक बच्चों और महिलाओं की मौत हुई है. रुह को हिला देने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. वहीं मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया गया है.

इस वजह से हुई घटना
चश्मदीदों की मानें तो बाबा के अनुनायियों के बीच मान्यता है कि बाबा जहां पैर रखता है, उस मिट्टी को भक्त पवित्र मानते हैं. मान्यता है कि उस मिट्टी को घर ले आने से सारे कष्ट दूर होते हैं. महिलाएं इसे आंचल में बांध लेती हैं. बाबा के मार्ग में रंगोली सजाई जाती है. उस रंगोली के रंग से मिली धूल को भी महिलाएं अपने पल्लू में बांध लेती हैं. सालों से यही परंपरा चली आ रही है. माना जा रहा है कि इसी चमत्कारी मिट्टी के चक्कर में लोग उमड़े थे और फिर भगदड़ मच गई. कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दूर-दूर से महिलाएं आई थीं. बता दें कि बाबा नारायण साकार हरि का असली नाम सूरज पाल है और लोग उसे भोले बाबा के नाम से पुकारते हैं. वह एक सिपाही था लेकिन बलात्कार के आरोप में जेल जाने के बाद जब वह बाहर आया तो उसने अपनी पहचान छुपाकर बाबा बन बैठा और अपने एजेंटों की मदद से भोले-भाले लोगों को बेवकूफ बनाने लगा.

इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट
यूपी-हाथरस भगदड़ घटना में भारतीय न्याय संहिता (BNS)-2023 की धारा 105, 110, 126(2), 223 और 238 के तहत ‘मुख्य सेवादार’ कहे जाने वाले देवप्रकाश मधुकर और उस धार्मिक कार्यक्रम के अन्य आयोजकों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. इस रिपोर्ट में बाबा का नाम कहीं शामिल नहीं किया गया है.

हाथरस हादसे का पूरा घटनाक्रम

2 जुलाई को बाबा के दरबार में सत्संग चल रहा था
भगदड़ मचने के बाद अभी तक मरने वालों की संख्या 121 हुई.
ढाई लाख से अधिक लोग कार्यक्रम में जुटे थे जबकि आयोजकों ने 80 हजार के लिए इजाजत ली थी.
हाथरस भगदड़ के पीछे अधिक भीड़ को माना जा रहा है.
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने हाथरस का दौरा किय और घायलों से मुलाकात की.
स्वयंभू सत्संग गुरु ‘भोले बाबा’ फरार चल रहा है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है.
एफआईआर में गैर इरादतन हत्या, सबूत मिटाने का आरोप लगाया गया है.
एफआईआर में मुख्य सेवादार देवप्रकाश मधुकर और अन्य आयोजकों का नाम शामिल है लेकिन बाबा का नाम गायब है.
मुख्य सचिव और डीजीपी ने हाथरस में हालात का जायजा लिया है.
घटना की जांच के लिए एक पैनल का गठन किया गया है.
सीबीआई जांच की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है.
तो वहीं शीर्ष अदालत में याचिका में सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में जांच की मांग की गई है.