ऐसा कोई भी व्यक्ति जो कि हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म का पालन नहीं करता, वह अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं माना जा सकता है.

आवारा कुत्ते पूरे देश में आतंक का पर्याय बन गए हैं. इनकी वजह से हर जगह डर, भय बढ़ता जा रहा. इन पर लगाम बहुत जरूरी है.

कई निर्देश जारी किए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर स्कूल में किशोर लड़कियों को मुफ्त में बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराया जा सके.

सुप्रीम कोर्ट ने डॉग लवर्स यानी आवारा कुत्तों को खाना खिलाने वालों को उनकी जिम्मेदारी समझने के लिए कहा है.