New Parliament: वास्तु के हिसाब से नहीं ठीक है भारत का नया संसद भवन! देखें क्या चिंता जताई है देश के जाने-माने वास्तु विशेषज्ञ ने, सोशल मीडिया पर वायरल
New Parliament: मंगलवार (19 सितम्बर 2023) का दिन भारत के इतिहास में महत्वपूर्ण दिन रहा है. आज गणेश चतुर्थी के दिन पुराने संसद भवन को छोड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही देश के सभी बड़े सांसदों ने नए संसद भवन में प्रवेश किया है तो वहीं नए संसद भवन के वास्तु को लेकर देश के जाने-माने ज्योतिशी व वास्तु विशेषज्ञ सुशील कुमार सिंह ने चिंता जताई है और कहा है कि वास्तु के हिसाब से नया संसद भवन ठीक नहीं है. इसी के साथ उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की एक बात भी याद दिलाई है.
बता दें कि, ज्योतिषी सुशील कुमार सिंह एक प्रसिद्ध राजनीतिक ज्योतिषी और वरिष्ठ वास्तु विशेषज्ञ हैं. वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ज्योतिषी के.एन. राव के शिष्य हैं. ज्योतिषी सुशील कुमार सिंह विश्व के सर्वश्रेष्ठ वैदिक ज्योतिषी श्री के.एन राव जी के शिष्य हैं तथा वास्तुशास्त्री हैं . उनका दावा है कि वह 1000 से अधिक सफल राजनीतिक भविष्यवाणियाँ कर चुके हैं. तो वहीं अब उन्होंने ट्विटर पर नए संसद भवन को लेकर चिंता जाहिर की है और ट्वीट करते हुए लिखा है कि, “पुरानी संसद काफी कुछ वास्तु अनुरूप थी जो नहीं थी उसे अटल जी की अनुमति से वास्तु में करेक्शन कर लिया गया था 1999 के आसपास । तब से सभी केंद्र सरकारों ने कार्यकाल पूरे किये । नई संसद जोकि बिल्कुल भी वास्तु अनुरूप नहीं है तथा किसी भी प्रकार के मुहूर्त का प्रयोग नहीं किया गया है. ईश्वर करें भारत में लंबे समय तक लोकतंत्र जिन्दा रहे और फले फूले.” उनका यह ट्वीट नई संसद भवन के प्रवेश के वक्त सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. फिलहाल ये ज्योतिषी सुशील कुमार सिंह का दावा है इस बारे में खबर स्टिंग किसी भी तरह की पुष्टि नहीं करता है.
बता दें कि मंगलवार को जैसे ही नए भवन में अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, मोदी ने सदन के नेता के रूप में नए लोकसभा कक्ष में अपना पहला भाषण दिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि नया संसद भवन 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को दर्शाता है. इस दौरान पीएम मोदी अलग अंदाज में नजर आए. इस मौके पर पीएम मोदी ने उन ‘श्रमजीवियों’ को भी याद किया जो नए संसद भवन के निर्माण का हिस्सा थे. उन्होंने कहा, “संसद राष्ट्र की सेवा करने के लिए सर्वोच्च स्थान है.” उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए ये भी कहा कि, संसद पार्टी के विकास के लिए नहीं बल्कि राष्ट्र के विकास के लिए काम करने की जगह है. नए संसद भवन में कार्यवाही शुरु होने से पहले और पुरान संसद भवन प्रधानमंत्री ने कहा कि, “आज, हम यहां से छुट्टी ले रहे हैं और नए संसद भवन की ओर जा रहे हैं. यह शुभ है क्योंकि आज गणेश चतुर्थी है.”
गौरतलब है कि, ब्रिटिश आर्किटेक्ट सर एडविन लुटियंस और हर्बर्ट बेकर ने प्रतिष्ठित पुरानी इमारत को डिजाइन किया था. इसका निर्माण 1927 में कराया गया था. पुराने संसद भवन 96 साल पहले बनाया गया था. सरकारी सूत्रों की मानें तो पुरानी संसद भवन की इमारत को ध्वस्त नहीं किया जाएगा और संसदीय कार्यक्रमों के लिए ज्यादा जगहों के लिए इसे “रेट्रोफिट” किया जाएगा. कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि पुरानी इमारत के एक हिस्से को संग्रहालय में तब्दील किया जा सकता है.