US ने ईरान के खार्ग आइलैंड पर किया हमला…उठता दिखा धुएं का गुबार-Video; ईंधन बाजार की बढ़ी चिंता

April 7, 2026 by No Comments

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Iran- America Israel War: अमेरिका की ओर से ईरान की रीढ़ कहे जाने वाले खार्क आईलैंड पर हमला किया गया है. सोशल मीडिया पर इस सम्बंध में एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें धुएं का तेज गुबार आसमान की ओर जाता दिख रहा है. हालांकि अभी अधिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है.

बता दें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेडलाइन खत्म होने के बाद ईरान पर एक तगड़े अटैक की धमकी दी थी लेकिन डेडलाइन अभी खत्म भी नहीं हुई थी और अमेरिका ने ईरान के सबसे महत्वपूर्ण तेल डिपो, खार्ग आइलैंड (Kharg Island) पर जोरदार हमला कर दिया है.

इस हमले के बाद ईंधन बाजारों की चिंता और बढ़ गई है. अल-अरबी टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला इतना तेज था कि पूरे द्वीप में धमाकों की आवाज सुनाई दी है. इस द्वीप को ईरान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, क्योंकि ईरान का लगभग 90 प्रतिशत कच्चा तेल इसी जगह से निर्यात होता है.

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को जो सीजफायर के लिए डेडलाइन की तारीख 8 अप्रैल की सुबह 5 बजे तक दी थी लेकिन इसके खत्म होने से पहले ही अमेरिका ने ईरान की अर्थव्यवस्था पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है. माना जा रहा है कि ईरान अब इसका जबाव और भी बड़ा दे सकता है. कुल मिलाकर अमेरिका के इस कदम से शांति वार्ता की बातें तो अब फिलहाल कुछ हफ्तों तक तो दिखाई देती नहीं नहीं प्रतीत होरही है. तो वहीं इस हमले से दुनिया में तेल की कीमतें और भी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

होर्मुज के करीब है ये द्वीप

बता दें कि खार्क आईलैंड होर्मुज जलडमरूमध्य के करीब है, जो कि वैश्विक तेल व्यापार का एक प्रमुख रास्ता है. यहां पर ईरान ने भारी सैन्यबल को तैनात कर रखा है ताकि ये सुरक्षित रहे लेकिन अमेरिका की ओर से ये हमला ईरान के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है. यहां पर 30 मिलियन बैरल से ज्यादा तेल जमा करने की क्षमता रखने वाले बहुत बड़े-बड़े विशाल स्टोरेज टैंक हैं. ईरान के मुख्य तेल इलाकों से पाइपलाइन्स सीधे इस द्वीप तक आती हैं. इसी वजह से यह ईरान का सबसे बड़ा तेल संग्रह और लोडिंग पॉइंट है.

ईरान के लिए खार्क है एक महत्वपूर्ण स्थान

खार्क द्वीप ईरान के लिए केवल व्यापार ही नहीं बल्कि ऐतिहासिक रूप से भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है. इसकी प्राकृतिक सुंदरता इतनी दुर्लभ है कि इसे ‘फारस की खाड़ी का अनाथ मोती’ भी कहा जाता है. यहां 7वीं शताब्दी के ईसाई मठ के अवशेष और प्राचीन अचमेनिड शिलालेख भी मिले हैं. ईरान के लिए खार्क द्वीप केवल जमीन का एक टुकड़ा नहीं है बल्कि यहीं से ईरान की सत्ता और आय तय होती है. इसी वजह से इसे ईरान का सबसे संवेदनशील और सुरक्षित क्षेत्र माना जाता है. बता दें कि यह द्वीप होर्मुज जलडमरूमध्य के करीब है जो कि अमेरिका-इजरायल के साथ चल रहे संघर्ष के दौरान बार-बार सुर्खियों में आता रहा है.

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