Lucknow: राजधानी में डेंगू के सामने आ रहे मरीज, 16 घरों को जारी की गई नोटिस, जानें ये बड़ी वजह, देखें डेंगू से बचने के लिए क्या करें, क्या न करें

October 15, 2022 by No Comments

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विभिन्न क्षेत्रों में शुक्रवार (14.10.2022) को 37 डेंगू धनात्मक रोगी पाए गये। इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के तहत अलीगंज-11, आलमबाग-07, इन्दिरानगर-06, काकोरी-01, एन0के0 रोड-03, सिल्वर जुबली-02, टूडियागंज-04 में केस पाए गए। शुक्रवार को करीब 1620 घरों एवं आस-पास मच्छरजनित स्थितियों का सर्वेक्षण किया गया और कुल “16” घरों में मच्छरजनित स्थितियां पाए जाने पर नोटिस जारी की गई।

बता दें कि इस वर्ष जनवरी 22 से अब तक 440 डेंगू के केसेज रिपोर्ट किये गये है तथा मृत्यु की संख्या शून्य है। पिछले वर्ष जनवरी 21 से दिसम्बर 21 तक कुल 1978 डेंगू केस रिपोर्ट किये गये थे तथा मृत्यु की संख्या शून्य थी। शुक्रवार को कार्यालय जिला अधिकारी कलेक्ट्रेट, बलरामपुर चिकित्सालय, लोकबन्धु राजनारायण संयुक्त चिकित्सालय, टीबी सह संयुक्त चिकित्सालय, रानी लक्ष्मी बाई संयुक्त चिकित्सालय, वीरांगना अवन्ती बाई महिला चिकित्सालय, डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) चिकित्सालय, वी. झलकारी बाई महिला चिकित्सालय, राम सागर मिश्र 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय लखनऊ में एण्टी लार्वा रसायन का छिडकाव कराया गया।

इसी के साथ ही शुक्रवार को जनपद में डेंगू रोग के प्रभावी नियंत्रण के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी, लखनऊ के निर्देशानुसार नगर मलेरिया इकाई एवं जिला मलेरिया अधिकारी की टीम द्वारा अलीगंज, आलमबाग, इन्दिरानगर, काकोरी, हजरतगंज, चौक, टूडियागंज के विभिन्न वार्डों के आस-पास के क्षेत्रो का भ्रमण किया गया। भ्रमण के दौरान क्षेत्रीय जनता को घर के आस-पास पानी जमा न होने, पानी से भरे हुए बर्तन एवं टंकियों को ढंक कर रखें, हर सप्ताह कूलर के पानी को खाली करके साफ़ कपड़े से पोछ कर सूखा एवं साफ़ करने के बाद ही पुनः प्रयोग में लाने, पूरी बांह के कपड़े पहनने, बच्चों को घर से बाहर न निकलने, मच्छर रोधी क्रीम लगाने एवं मच्छरदानी में रहने तथा डेंगू एवं मच्छर जनित रोगों से बचाव के लिए “क्या करें, क्या न करें” सम्बंधित स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान की गयी।

देखें क्या हैं मच्छरों की ब्रीडिंग रोकने के उपाय
वाटर टैंक व कंटेनरों को ढक कर रखे, घर के अंदर व आसपास पानी को जमा न होने दे।
अनावश्यक कन्टेनर, कबाड़, टायर व नारियल के खोल में पानी जमा न होने दे। तत्काल उसका निस्तारण सुनिश्चित करे।
प्रत्येक सप्ताह कूलर का पानी बदले, कूलर आदि में ज़्यादा दिनों तक पानी जमा न होने दे।
घरो और होटल के वाटर टैंक में लार्वीवोरस फिश का उपयोग करे।
बर्ड बाथ, फूलदान आदि में प्रत्येक सप्ताह पानी बदले।

खुद को बचाएं इस तरह से
सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करे।
दिन के समय मच्छरों के काटने से बचने के लिए फुल सिलिव्स के कपड़े पहने बुखार आने पर चिकित्सक की सलाह पर दवा का उपयोग करे।

क्या न करे
घर मे या घर के आस पास कूलर, बाल्टी, बैरल, फूलदान, बर्ड बाथ, फ्रीज़, टायर व नारियल के खोल में पानी जमा न होने दे।
टूटे बर्तन, अनुपयोगी बोतल, टिन, पुराने टायर, और कबाड़ को घर मे न जमा होने दे और न ही घर के पास उन्हें फेके। उक्त चीज़ों का उचित निस्तारण सुनिश्चित कराए ताकि उसमे मच्छरों की ब्रीडिंग न हो पाए।
बुखार होने पर स्वंय से दवा न करे, चिकित्सक के परामर्श के उपरान्त ही दवा का उपयोग करें।