वो गरीब महिलाओं को बना रही हैं आत्मनिर्भर…सीता रसोई से लेकर कर रही हैं आर्थिक सहयोग तक; जानें कौन हैं समाजसेवी ओम सिंह?
Women Success Story: आज नारी हर कार्य क्षेत्र में अपने कदम आगे बढ़ा रही है और लगातार सफलता की नई परिभाषाएं गढ़ रही है. यहां आज समाजसेविका ओम सिंह से आपका परिचय कराएंगे. वह समाजसेवा के साथ ही पर्यावरणविद् और मनोवैज्ञानिक के साथ ही कवियित्री भी हैं और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चैतन्य वेलफेयर फाउंडेशन की संस्थापक है. इस संगठन के माध्यम से वह लगातार आर्थिक रूप से कमजोर व गरीब लोगों के लिए कार्य कर रही हैं.

Om Singh
यहां से पूरा किया अध्ययन कार्य
ओम सिंह इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एम एड में स्वर्ण पदक विजेता और एमएससी हैं। उन्हें प्रो. यशपाल द्वारा स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया था। उन्होंने इलाहाबाद से मनोवैज्ञानिक की शिक्षा ली और लखनऊ यूनिवर्सिटी से योग और नेचुरोपैथी में पारंगत हुईं। उन्होंने इलाहाबाद से ही मनोविज्ञान की डिग्री ली और लखनऊ विश्वविद्यालय से योग और प्राकृतिक चिकित्सा की पढ़ाई की।

सरकारी नौकरी ठुकरा अपनाई समाजसेवा
वह शास्त्रीय कथक नृत्यांगना भी हैं और लैटिन अमेरिकी नृत्य साल्सा में भी पारंगत हैं। उन्हें गायन में भी रुचि है। उन्हें कविताएँ लिखने का शौक है। उन्होंने 5 सरकारी नौकरियाँ छोड़ दीं और समाज सेवा को अपनाया। सामाजिक हित के कार्यों को करने की प्रेरणा उनके पिता से उन्हें मिली। उन्होंने 2016 में अपना खुद का संगठन बनाया जिसका नाम चैतन्य वेलफेयर फाउंडेशन है.

कोरोना काल में बनी मसीहा
कोरोना काल में ओम सिंह ने अपने संसाधनों से लखनऊ शहर में निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा प्रदान की। उन्होंने पूरे कोविड काल में निरंतर राशन सेवा भी प्रदान की। कोरोना महामारी के दौरान चारबाग रेलवे स्टेशन पर जाकर ट्रेन में खाने पीने की वस्तुएं ,फल, और महिलाओं को सैनिटरी नैपकिन वितरित की। वह रक्तदान शिविर लगाकर जरूरतमंदों को निशुल्क रक्त उपलब्ध करवाती हैं.

सीता रसोई में है सभी के लिए भोजन
पिछले 3 वर्षों से वह महानगर के सिविल अस्पताल के बाहर सीता रसोई लखनऊ नाम से भोजन की सेवा दे रही हैं। अब तक वह करीब 7.15 लाख लोगों को भोजन सेवा दे चुकी हैं और भोजन के साथ पौधे और स्टेशनरी भी वितरित करती हैं। पर्यावरण संतुलन के लिए निरंतर पौधरोपण करने के साथ ही वह गौरैया संरक्षण के लिए भी प्रयास कर रही हैं।

पक्षियों के लिए भी बना रही हैं घर
हजारों पेड़ लगाने के साथ ही वह शहर के विभिन्न पार्कों में पक्षियों के लिए घर और मिट्टी के गमले भी लगवाती हैं, ताकि गौरैया की संख्या बढ़े। जरूरतमंदों को निशुल्क परामर्श सत्र देती हैं। ठंड के मौसम में सड़कों पर गर्म कपड़े और कंबल बांटती हैं। गर्मी के मौसम में सड़कों पर छाते और जूस बांटती हैं। गरीब बच्चों को किताबें उपलब्ध कराती हैं।

गरीब महिलाओं को बना रही हैं सशक्त
गरीब प्रतिभाशाली लड़कियों को स्कूल जाने के लिए साइकिल देती हैं और किताबों और फीस में भी उनकी मदद करवाती हैं। हाल ही में उन्होंने करीब 90 गरीब महिलाओं को एक साल का निःशुल्क ब्यूटीशियन कोर्स कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है। खास बात यह है कि समाज सेवा के सारे काम वह खुद के पैसों से और दोस्तों की मदद से करती हैं।

लखनऊ सरोजनीनगर के विधायक राजेश्वर सिंह और कौशल किशोर ओम सिंह को सम्मानित करते हुए
ये मिला सम्मान
हाल ही में उन्हें उनके इस सराहनीय काम के लिए यूपी के राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल द्वारा सम्मानित किया है। उन्हें कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों द्वारा कोरोना योद्धा सम्मान से सम्मानित भी किया जा चुका है. बता दें कि समाजसेवा के क्षेत्र में ओम सिंह किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं. वह लगातार अपने कार्य से सोशल मीडिया से लेकर समाचार पत्रों में भी छाई रहती है.

मंत्री रजनी तिवारी से सम्मान प्राप्त करते हुए. इस मौके पर लखनऊ की पूर्व मेयर संयुक्ता भाटिया भी मौजूद हैं.

टेक्निकल एजूकेशन मिनिस्टर आशीष सिंह ओम सिंह को सम्मानित करते हुए