महबूबा मुफ्ती ने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध का अलापा राग…सोशल मीडिया यूजर्स ने जमकर सुना दी खरी-खोटी-Video

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Mehbooba Mufti: पाकिस्तान पहले 22 अप्रैल को भारत के जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अपने आतंकियों को भेजकर दो विदेशी नागरिक सहित 26 लोगों को गोली मरवा देता है और तमाम नवविवाहितों का सुहाग उजाड़ देता है. वो बहनें जो चंद दिन पहले ही सुहागन हुई थीं और नई जिंदगी के लिए तमाम सपने बुन रही थीं, उनकी झोली से वो सुख छीन कर उनको आतंकियों ने पूरी उम्र का दुख दे दिया. बुजुर्ग माता-पिता का सहारा छिन गया.

पाकिस्तान की इस नापाक हरकत के खिलाफ जब भारत की तरफ से 6-7 मई को ऑपरेशन सिंदूर चलाकर आतंकियों के ठिकाने ध्वस्त किए गए तो पाकिस्तान ने फिर से आंखें तरेरते हुए उल्टा भारत पर ही लगातार कायराना हमला करवा रहा है. इस बीच जब भारतीय सेना ने उसको उसकी औकात दिखा दी तो संघर्ष विराम के लिए गिड़गिड़ाने लगा. इस पर भारत ने 10 मई को संघर्ष विराम के लिए हामी भर दी लेकिन संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए कल रात से ही फिर से पाकिस्तान ने ड्रोन हमले करवाने शुरू कर दिए, जिसकी वजह से पाकिस्तान सीमा से सटे भारत के कई शहरों में आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.

कई स्थानीय नागरिकों की मौत हुई और दो जवान के साथ ही एक सरकारी अधिकारी की भी जान गई है. साथ ही कई लोग घायल हुए हैं. स्थानीय लोगों को राहत शिवर में रहना पड़ रहा है. ये सब पाकिस्तान द्वारा 22 अप्रैल को कराए गए हमले के कारण है लेकिन पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती इन सबके लिए पाकिस्तान को खुलकर दोषी बताने के बजाए, भारत सरकार को ही पड़ोसियों से अच्छे सम्बंध रखने की सीख दे रही हैं. मानो भारत की ओर से ही गलती की गई हो. फिलहाल महबूबा मुफ्ती के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ लोगों का जमकर गुस्सा फूट रहा है और लोगों का कहना है कि वह भारत में रह ही क्यों रही हैं, पाकिस्तान क्यों नहीं चली जातीं.

जानें क्या कहा है महबूबा मुफ्ती ने?

उरी, बारामूला में न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए PDP ( पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भारत-पाकिस्तान समझौते पर कहा, “मुझे उम्मीद है कि संघर्ष विराम को स्थायी बनाया जाएगा ताकि लोग अपने घरों में वापस जा सकें. हमारा देश बहुत बड़ा देश है, इसकी अर्थव्यवस्था बहुत बड़ी है, इसे बड़े भाई की भूमिका निभानी चाहिए, भारत सरकार को खुद पहल करनी चाहिए और राजनीतिक प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए और देखना चाहिए कि पाकिस्तान के साथ क्या मुद्दा है. पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध बनाने चाहिए.”

कश्मीर युद्ध नहीं चाहता

बता दें कि रविवार को महबूबा मुफ्ती ने सरहद पार से हुई गोलीबारी में घायल हुए लोगों से अस्पताल मिलने के लिए पहुंची थीं. इस मौके पर सोशल मीडिया पर वायरल उनके बयान के मुताबिक, उन्होंने कहा कि यह दर्द राजनीति नहीं है, यह मानवीय है और यह असहनीय है। इसी के साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि हमारे घायल अस्पतालों में हैं। हमारे परिवार आश्रय स्थलों में डरे हुए हैं। हमारे घर मलबे में तब्दील हो गए हैं। इसलिए कश्मीर शांति की पुकार करता है। युद्ध की नहीं।

उन्होंने ये भी कहा कि हमें घर चाहिए, बंकर नहीं। युद्ध की धमकी बंद होनी चाहिए। मैं उरी के पास नियंत्रण रेखा की ओर जाते हुए उन परिवारों से मिल रही हूं, जो अपने घर छोड़कर भागे हैं, उनकी असहनीय पीड़ा की कहानियां सुन रही हूं। पुरुष, महिलाएं, बच्चे सभी संघर्ष से आहत हुए हैं। सभी बिना डर के जीने के साधारण अधिकार की चाहत रखते हैं। इसके पहले मुफ्ती ने कहा कि जो युद्ध की बात करते हैं, वे हमारे बच्चों को रोते हुए नहीं सुनते और वे हमारे माता-पिता को डर और नुकसान के बोझ तले टूटते नहीं देखते। हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे बड़े हों, न कि दफनाए जाएं। इस मौके पर उन्होंने लोगों को मदद का भरोसा दिया.

सोशल मीडिया यूजर्स का फूटा गुस्सा

उनके इस बयान पर एक सोशल मीडिया यूजर ने कहा है…यानी उन्होंने अपने बयान में ये तक कह दिया कि देखना चाहिए कि ‘पाकिस्तान के साथ क्या मुद्दा है’. मतलब अगर पाकिस्तान कश्मीर मांग रहा है तो हमें उसे कश्मीर दे देना चाहिए और अगर वह हमारे लोगों को मार रहा है तो हमें बुजदिल की तरह बैठ जाना चाहिए. हमें उसका जवाब भी देने का हक नहीं.

इसी तरह एक अन्य सोशल मीडिया यूजर ने लिखा है अच्छा होता कि इस तरह के गद्दार लोग भारत छोड़ कर चले जाएं. तो वहीं एक अन्य ने महबूबा मुफ्ती को भारत से जाने तक के लिए कह दिया है. तो वहीं एक यूजर ने लिखा है कि आतंकवादी हमले में इनके घर कोई मरता, तब पता चलता कि अपनों को खोने का कष्ट क्या होता है.

Kartik Raval (@apurvgupta51) ने लिखा है ऐसे दो चार नेता यदि केंद्र सरकार में आ जाए तो देश का बंटा धर हो जाएगा इन्हें इंडिया से कम पाकिस्तान के साथ ज्यादा प्रेम है इसकी भाषा पूर्ण रूप से पाकिस्तानी विचारों से परिपूर्ण है. इसी के साथ ही #shame और #ceasefire के साथ हैशटैग किया गया है.

राहत शिविरों में इस तरह रह रहे हैं लोग

भारत-पाकिस्तान सीमा पर अभी भी स्थिति ठीक नहीं दिखाई दे रही है. यही वजह है कि सीमा से सटे इलाकों के लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है. भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ में राहत शिविर स्थापित किए हैं और विस्थापित नागरिकों को आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है. क्योंकि पाकिस्तान और POK के आतंकी ठिकानों के अंदर भारतीय हमलों के जवाब में पाकिस्तान भारत के नागरिक क्षेत्रों को निशाना बना रहा है।

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