जंतर मंतर को बंद क्यों नहीं कर देते…? दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से पूछा सवाल-Video
Jantar Mantar: शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से सवाल करते हुए पूछा है कि जंतर मंतर क्षेत्र को प्रदर्शन स्थल के तौर पर बंद क्यों नहीं किया जा रहा है. न्यायमूर्ति अमित महाजन ने यहां जारी धरना प्रदर्शन को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रदर्शनों से शहर को अनावश्यक रूप से बंधक नहीं बनाया जाना चाहिए.
कोर्ट ने ये टिप्पणी एक याचिका की सुनवाई के दौरान की. दरअसल अखिल भारतीय दलित ईसाई अधिकार संरक्षण समिति ने एक याचिका दायर की थी और याचिका में दिल्ली पुलिस को जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए अनुमति देने का निर्देश मांगा गया था. याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय घोष ने जानकारी दी कि इस प्रदर्शन में अधिकतम 75 लोग शामिल होंगे और जुलाई से पुलिस आवेदन पर कोई फैसला नहीं कर रही है.
तो वहीं एएसजी शर्मा की ओर से कहा गया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले से ही सुनवाई कर रहा है कि जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल घोषित किया जाए या नहीं. दरअसल स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) नजदीक है और क्षेत्र में धारा 144 लागू है. क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया गया है. उन्होंने आशंका जताई और कहा कि 75 लोग बाद में 75 हजार भी हो सकते हैं.
तो वहीं याचिकाकर्ता ने कहा कि शाहीन बाग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को मान्यता दी है. तो इस पर न्यायमूर्ति महाजन ने जवाब देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की बात अलग है, लेकिन शहर को बंधक नहीं बनाया जाना चाहिए. ये कहते हुए कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को याचिकाकर्ता के आवेदन पर 8 अगस्त तक फैसला करने का निर्देश दिया और याचिका का निपटारा कर दिया.
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