Mock Drill: जानें आज आपके शहर में कितने बजे होगा ब्लैकआउट…? पूरी कर लें ये तैयारी
Mock Drill: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बीच बुधवार को भारत के 300 से अधिक जिलों में सरकार सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल आयोजित करने जा रही है। तो वहीं उत्तर प्रदेश के 15 जिलों में भी मॉक ड्रिल होगी. इसको लेकर सायरन बजेगा और फिर आम नागरिकों को सतर्क रहना होगा.
बता दें कि 7 मई को मॉक ड्रिल के दौरान सैन्य ठिकानों, परमाणु संयंत्रों, रिफाइनरी और जलविद्युत बांधों जैसे संवेदनशील प्रतिष्ठानों वाले करीब 300 नागरिक सुरक्षा जिलों में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन यानी‘शत्रुतापूर्ण हमले’ के लिए सिविल डिफेंस और बंकरों और खंदकों की सफाई के साथ मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा।
मालूम हो कि सिविल डिफेंस जिले अग्रिम पंक्ति के क्षेत्र होते हैं, जिनका कार्य एयर रेड ड्रिल, ब्लैकआउट अभ्यास, निकासी प्रोटोकॉल और नागरिक जागरूकता सत्र जैसी नागरिक सुरक्षा गतिविधियों को संगठित करना, निष्पादित करना और बेहतर बनाना होता है।
इस अभ्यास के दौरान बिजली कटौती यानी ब्लैकआउट होगा और एयर रेड सायरन (हवाई हमले की चेतावनी) और निकासी प्रक्रियाओं जैसी स्थितियों का अभ्यास आम जनता को कराया जाएगा. ताकि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए भारत की जनता तैयार रहे.
इसको लेकर अधिकारियों ने बताया कि यह अभ्यास किसी आसन्न युद्ध का संकेत नहीं है, बल्कि यह सिविल डिफेंस नियमावली, 1968 के तहत लंबे समय से चले आ रहे ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह ड्रिल भारत की युद्ध जैसी आपात स्थितियों में तेज और समन्वित प्रतिक्रिया की क्षमता को परखने के लिए आयोजित की जा रही है। यह नियम शीत युद्ध के दौर के हैं लेकिन अब इन्हें आधुनिक खतरों के अनुसार नया रूप दिया जा रहा है।
जानें क्यों महत्वपूर्ण है 7 मई का अभ्यास?
बता दें कि 7 मई, 2025 को जो मॉक ड्रिल होने जा रही है ये अभ्यास हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देश भर में जारी निर्देशों का एक हिस्सा है। इसका उद्देश्य युद्ध जैसे हालात में भारत की नागरिक तैयारियों का परीक्षण करना है। इसी के साथ ही शीत युद्ध के दौर की प्रथाओं को आज के सुरक्षा माहौल के हिसाब से अपडेट करना है। साथ ही केंद्र, राज्य और जिला अधिकारियों के बीच समन्वय में सुधार करना।
आम नागरिकों को रहना है इस तरह तैयार
पानी, टॉर्च, बुनियादी दवाइयां आदि जरूरी चीजें हाथ में रखें.
गलत सूचना से बचें – केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें और गलत सूचना से बचें.
अपने इलाके में हो रहे जागरूकता सत्र या अभ्यास में शामिल हों।
स्थानीय निर्देशों का पालन करें – अधिकारियों के साथ सहयोग करें।
जानें कौन लेंगे हिस्सा?
इस मॉक ड्रिल के दौरान सिविल डिफेंस में कर्मियों और स्वयंसेवकों का एक विस्तृत नेटवर्क तो शामिल होगा ही साथ ही समन्वय के लिए जिला प्रशासन और होम गार्ड और नागरिक सुरक्षा वार्डन भी हिस्सा लेंगे. इसके अलावा सामुदायिक आउटरीच और समर्थन के लिए एनसीसी, एनएसएस और छात्र के साथ ही अर्धसैनिक और पुलिस बल भी हिस्सा लेंगे. तो वहीं ब्लैक आउट होने की स्थिति में क्या करना है, इसकी जानकारी हर नागरिक को दी जाएगी.
जानें क्यों जरूरी है ये मॉक ड्रिल?
सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि वर्तमान में कोई सीधा खतरा नहीं है, लेकिन सुरक्षा और सजगता के लिए पूर्व तैयारी अनिवार्य है। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य न केवल प्रशासनिक तालमेल को परखना है, बल्कि लोगों में जागरूकता और आत्मविश्वास भी विकसित करना है. ताकि किसी भी आपदा या हमले की स्थिति में देश संगठित होकर सामना कर सकें। लगातार हम देख रहे हैं कि दुनियाभर में संघर्ष बढ़ रहा है और सैन्य तनाव के बीच किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए यह मॉक ड्रिल भारत की आपातकालीन तैयारियों को सशक्त बनाने और आम नागरिकों को जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह अभ्यास वास्तविक परिस्थितियों की नकल करते हुए आम जनता के बीच में किया जाएगा, ताकि नागरिक संकट की घड़ी में घबराने के बजाय अनुशासित, समझदार और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देना सीख सकें।
यूपी में इतने बजे होगा मॉक ड्रिल
अयोध्या में शाम 7:00 बजे से 7:30 बजे, मुजफ्फरनगर, बागपत, बुलंदशहर,लखनऊ,प्रयागराज, मथुरा, मेरठ में शाम 7:00 बजे तो वहीं वाराणसी, आगरा, कानपुर, बिजनौर,जौनपुर,उन्नाव,शामली में सुबह 11:00 बजे, बरेली, मुरादाबाद में रात 8:00 बजे, गोरखपुर में शाम को साढ़े 6 बजे से साढ़े सात बजे तो वहीं चंदौली में शाम को साढ़े सात बजे. बता दें कि मॉक ड्रिल की रिपोर्ट गृह मंत्रालय को हर एक-एक घंटे में भेजनी है.
गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी रिपोर्ट
इसको लेकर डीजी नागरिक सुरक्षा, अभय प्रसाद ने मीडिया को दिए बयान में बताया कि बागपत व मुजफ्फरनगर को छोड़कर बाकी के 15 जिलों में वर्ष 1962 में नागरिक सुरक्षा विभाग के कार्यालय खोले गए थे। प्रदेश के सभी जिलों में जिला व पुलिस प्रशासन तथा डिजास्टर रिस्पांस फोर्स संयुक्त रूप से माक ड्रिल के जरिए नागरिकों को युद्ध के मद्देनजर बचाव का प्रशिक्षण देंगे। ब्लैक आउट का समय भी जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित किया जाएगा। ब्लैक से कुछ मिनट पहले सायरन बजाया जाएगा। इसे लेकर सभी बड़े प्रतिष्ठानों व शैक्षणिक संस्थानों को भी निर्देश भेजे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि माक ड्रिल को लेकर शाम चार बजे से गृह मंत्रालय को हर एक-एक घंटे पर रिपोर्ट भेजनी है। इस बारे में संबंधित जिलों के जिला प्रशासन को निर्देश भेजे जा चुके हैं।
ये भी पढ़ें-‘देश जैसा चाहता है…उसी भाषा में देंगे जवाब…’ पहलगाम हमले पर बोले रक्षामंत्री राजनाथ सिंह -Video