Mumbai: ऑडिशन के नाम पर एक दर्जन से अधिक किशोरों को बंधक बनाने वाला मारा गया…जानें Video में क्या बोला आरोपी रोहित आर्या, पूर्व शिक्षामंत्री से जुड़ा कनेक्शन?

October 30, 2025 by No Comments

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Mumbai News: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां स्थित पवई में 17 बच्चों को बंधक बनाने वाले आरोपी रोहित आर्या की इलाज के दौरान मौत हो गई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रोहित ने पुलिस पर फायरिंग की थी. इस पर पुलिस ने जवाब कार्रवाई करते हुए गोली चलाई. इसी दौरान आरोपी घायल हो गया. इस पर पुलिस ने उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार दोपहर को मुंबई के पवई इलाके में एलएंडटी बिल्डिंग के पास RA स्टूडियो में एक घंटे से अधिक समय तक करीब 15 से 20 लड़के और लड़कियों को कैद से छुड़ाने के लिए पुलिस जूझती रही. आरोपी ने करीब 15 साल के लड़कों और लड़कियों को ‘ऑडिशन’ के लिए बुलाया था और फिर उनको बंधक बना लिया.

इसके बाद उसने एक वीडियो बनाकर अपनी मांग रखी. बच्चों को छुड़ाए जाने से पहले, आर्य ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया और कहा कि वह कुछ लोगों से बात करना और उनसे सवाल पूछना चाहता है और उसे पैसे नहीं चाहिए. इसी के साथ ही आर्य ने धमकी दी कि अगर उसे ऐसा करने नहीं दिया गया, तो वह स्टूडियो में आग लगा देगा. इसी के साथ उसने ये भी कहा कि आत्महत्या करने के बजाए उसने बच्चों को बंधक बनाना ठीक समझा.

पुलिस के पास कॉल आते ही मचा हड़कंप

मुम्बई पुलिस ने बताया कि बच्चों को वेब सीरीज के ऑडिशन के लिए बुलाया गया था. 30 अक्टूबर दोपहर 1.45 बजे पुलिस को कॉल आया और बंधक होने के बारे में जानकारी दी गई. मुंबई पुलिस के लिए यह ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण था.मौके पर कुछ केमिकल और एयर गन मिली है. यह घटना दिनदहाड़े हुई. बंधक बनाए गए किशोऱ-किशोरियां खिड़की से झांक रहे थे.घटना की सूचना मिलते ही किशोरों के परिजन भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने पुलिस-प्रशासन से बच्चों को बचाने की गुहार लगाई.

इस मामले में पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई जिसमें पुलिस द्वारा चलाई गई गोली आरोपी को लगी और वह घायल हो गया. इस पर पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ता कराया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मुंबई पुलिस ने कहा कि सभी बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और अभिभावकों को सौंप दिया गया है. आगे की विधिक कार्रवाई जारी है.

शिक्षा विभाग से जुड़ा कनेक्शन आया सामने

आरोपी रोहित आर्या का शिक्षा विभाग से जुड़ा कनेक्शन सामने आया है. सोशल मीडिया पर वायरल खबरों में दावा किया जा रहा है कि दीपक केसरकर जब शिक्षा मंत्री थे तो रोहित आर्या को शिक्षा विभाग से संबंधित एक स्कूल के काम के लिए टेंडर मिला था लेकिन उस काम के लिए उसे अभी तक पैसे नहीं मिले थे. सूत्रों ने बताया कि जब दीपक केसरकर मंत्री थे तो रोहित आर्या ने बकाया राशि न मिलने को लेकर पहले भी मंत्री केसरकर के आवास के बाहर कई बार विरोध प्रदर्शन किया था. बताया जा रहा है कि रोहित आर्या ने केसरकर के घर के बाहर भूख हड़ताल भी कर चुका था. इस बार उसने किशोर-किशोरियों को बंधन बनाने के बाद अपने बताया रकम की मांग कर रहा था.

केसकर का बयान आया सामने

इस मामले के सामने आते ही पूर्व शिक्षामंत्री दीपक केसरकर का बयान भी सामने आया है. सोशल मीडिया पर वायरल बयान के मुताबिक, उन्होंने कहा कि स्कूलों में “स्वच्छता मॉनिटर” नाम का एक अभियान चलाया गया था. वह आगे बताते हैं कि रोहित आर्या ने इस अभियान के लिए एक NGO बनाई थी और वह शिक्षकों को प्रशिक्षण देने, मूल्यांकन करने जैसे काम करता था. केसकर ने दावा किया कि उसका यह अभियान सिर्फ एक ही साल चला. वह बोले कि उसका दावा था कि इस पर सौ करोड़ रुपये खर्च हुए हैं और यह कह कर वह बार-बार अपनी मांग रखता रहता था और रकम के लिए पांच-पांच घंटे उनके केबिन के बाहर खड़ा रहता था. सूत्रों के मुताबिक वह केसरकर से मिले बिना वह वापस नहीं लौटता था. केसरकर उसके पैसों के लिए मुख्यमंत्री के पास जाकर बैठते थे.

केसरकर ने आगे बताया कि यह जो मैटर है. उसको डिपार्टमेंट से बात करके सुलझाना चाहिए था. वह बोले कि सरकार के साथ काम करने की एक पद्धति होती है और उसी ढांचे में सबको काम करना होता है. पूर्व मंत्री बोले कि इस तरह से किसी को बंधक बनाना, यह गलत है.

कौन था रोहित आर्या?

सोशल मीडिया पर वायरल जानकारी के मुताबिक, आरोपी रोहित आर्या का यूट्यूब पर ‘अप्सरा’ नाम का चैनल था. ये भी कहा जा रहा है कि  आरोपी मानसिक रूप से बीमार था लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है. इसकी अभी जांच चल रही है. उसने सोशल मीडिया के जरिए ही लड़के-लड़कियों को ऑडिशन के लिए बुलाया था. जब लंच के समय बच्चे स्टूडियों से बाहर नहीं निकले तब लोगों को चिंता हुई और जब पुलिस के पास कॉल पहुंची तब खुलासा हुआ कि बच्चों को बंधक बनाया गया है. इसके बाद पुलिस ने एक्शन लिया और इमारत को घेर लिया. इसी दौरान आरोपी ने पुलिस पर गोली चलाई तो जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल हो गया और अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. बता दें कि पुलिस टीम बाथरूम के जरिए इमारत में दाखिल हुई थी और आरोपी को दबोच लिया था.

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