Navratri: नवरात्र की प्रतिपदा से लेकर नवमी तक मां भगवती को अर्पित करें ये भोग…कटेंगे संकट; मिलेगा सुख

October 5, 2024 by No Comments

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Navratri: नवरात्र चाहे शारदीय हो या फिर चैत्र वाले, दोनों का ही बड़ा महत्व है. सनातन धर्म को मानने वाले इन दोनों नवरात्र के दिनों में देवी मां की पूजा कर उनको प्रसन्न करते हैं. मान्यता है कि शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की कृपा जिस पर भी बरस जाती है वह भक्त किसी भी तरह से कभी दुखी और परेशान नहीं होता. यही वजह है कि नवरात्र के दिनों में भक्ति प्रथम दिन से लेकर नवमी तक मां के पसंदीदा भोग भी लगाते हैं.

हालांकि शास्त्रों में भी मां भगवती के नौ रूपों को दिन के हिसाब से अलग-अलग भोग लगाने का विधान दिया गया है। आचार्य विनोद कुमार मिश्र बताते हैं कि प्रथम शैलपुत्री से लेकर नवम माता तक अलग-अलग भोग लगाने से अलग-अलग फल की प्राप्ति होती है।

नवमी तक ये लगाएं भोग

प्रतिपदा तिथि के दिन मां भगवती के प्रथम रूप को घी का भोग लगाएं। इससे रोगी को कष्टों से मुक्ति मिलती हैं और काया (शरीर) निरोगी होता है।
द्वितीया को माता को शक्कर का भोग लगाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से उम्र लंबी होती है।
तृतीया को माता को दूध का भोग लगाएं। इससे सभी प्रकार के दुःखों से मुक्ति मिलती है।
चतुर्थी के दिन माता के चतुर्थ स्वरूप को मालपुआ का भोग लगाएं। मान्यता है कि इससे समस्याओं का अंत होता है।
पंचमी तिथि को माता को केले का भोग लगाएं। इससे परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
षष्ठी के दिन माता को शहद का भोग लगाएं। इससे धन लाभ होने के योग बनते हैं।
सप्तमी तिथि पर माता को गुड़ का भोग लगाएं। इससे हर मनोकामना पूरी हो सकती है।
अष्टमी तिथि पर माता को नारियल का भोग लगाएं। इससे घर में सुख-समुद्वि बनी रहती है।
नवमी तिथि को माता को विभिन्न प्रकार के अनाज का भोग लगाएं। इससे वैभव व यश मिलता है।

DISCLAIMER: यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। किसी भी धार्मिक कार्य को करते वक्त मन को एकाग्र अवश्य रखें। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)

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