Navratri Festival : नवरात्रि के दिनों में भूलकर भी न करें ये काम… हो जाएगा बड़ा नुकसान
Navratri Festival: हिंदू पंचांग के अनुसार, नवरात्र चाहे शारदीय हो या फिर चैत्र के, ये दिन अति पवित्र और मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा अर्चना के होते हैं. मान्यता है कि इन नौ दिनों मां दुर्गा धरती पर निवास करती हैं और अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करने के लिए वह घर-घर जाती हैं. यही वजह है कि शास्त्र कहते हैं कि इन दिनों कुछ कार्य सनातन धर्म के लोगों को नहीं करना चाहिए, नहीं तो पूजा का फल भी नहीं मिलता और मां भी अप्रसन्न होकर आपके घर से लौटती हैं.
नवरात्र के दिनों में रखें इन बातों का ध्यान
पूजा के समय अनुशासन का पालन जरूर करें. समय पर बिस्तर छोड़ दें और भक्ति भाव से माता रानी की पूजा अर्चना करें.
घर में गंदगी बिल्कुल भी न रखें. नवरात्र से पहले ही घर और पूजन स्थल की अच्छे से साफ सफाई करें.
पूरे 9 दिनों में भूल से भी घर में तामसिक भोजन न बनाएं और न ही घर के बाहर कहीं खाएं, और शराब का सेवन बिल्कुल भी न करें.
9 दिनों तक अखंड ज्योति जलाना बहुत ही शुभ माना जाता है, लेकिन अगर अखंड ज्योत जला रहे हैं, तो घर को कभी खाली न छोड़ें साथ ही अखंड ज्योत को कभी बुझने न दें.
पूरे 9 दिन तक महिला व पुरुष को ब्रह्मचर्य का पूरी तरह से पालन करना चाहिए.
मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र के दौरान नाखून और बाल नहीं कटवाए जाते हैं. इसलिए इस दौरान नाखून और बाल नहीं कटवाने चाहिए.
इस दौरान नकारात्मकता से दूर रहें और अच्छे विचारों को अपनाएं किसी भी प्रकार के विवाद या झगड़े से बचें.
नवरात्र के दिनों में न खाएं ये सब
व्रत के दौरान फलियां, दाल, चावल, गेहूं का आटा, मक्के का आटा, चावल का आटा साबुत गेहूं और सूजी का सेवन भी नहीं किया जाता है.
नवरात्र के दौरान अगर आप व्रत रखते हैं या नहीं फिर भी भोजन में लहसुन और प्याज का सेवन भूलकर भी न करें.
व्रत के दौरान गेहूं और चावल जैसे अनाज नहीं खाए जाते हैं.
व्रत के भोजन में सेंधा नमक ही खाया जाता है इसलिए भोजन में साधारण नमक का प्रयोग नहीं करना चाहिए.
DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)