Durga Puja: अष्टमी तिथि पर माता को नारियल का भोग लगाएं। इससे घर में सुख-समुद्वि बनी रहती है।
पूजा के समय अनुशासन का पालन जरूर करें. समय पर बिस्तर छोड़ दें और भक्ति भाव से माता रानी की पूजा अर्चना करें.
पालकी पर माता के आने का संकेत ये भी है कि प्रकृति अपने रूद्र रूप में जान माल का नुकसान कर सकती है.
सनातन धर्म को मानने वाले लोग इन दोनों नवरात्र के दिनों में नौ दिन तक मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और आराधना करते हैं. इ
वैदिक पंचांग के अनुसार शारदीय नवरात्र की शुरुआत 03 अक्टूबर को देर रात 12 बजकर 18 मिनट से शुरू होने जा रही है.