New Parliament Building Inauguration: “RSS का दफ्तर नहीं है नया संसद भवन, जरूर जाऊंगा उद्घाटन में…” संसद भवन उद्घाटन संग्राम के बीच सामने आया एक विपक्षी दल के नेता का बयान, रह चुके हैं प्रधानमंत्री, 19 विपक्षी दलों ने किया है बहिष्कार

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New Parliament Building Inauguration: नए संसद भवन के उद्घाटन मामले को लेकर छिड़े सियासी संग्राम के बीच एक विपक्षी नेता का बयान सामने आया है और उन्होंने कहा कि वह इस उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे. ये कोई आरएसएस का दफ्तर नहीं है. बता दें कि प्रधानमंत्री नए संसद भवन का उद्घाटन करने वाले हैं, लेकिन किसी भी विपक्षी नेता को ये रास नहीं आ रहा है. उनकी मांग है कि राष्ट्रपति इसका उद्घाटन करें. इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका दाखिल की गई थी, जिसे शुक्रवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. तो वहीं एक विपक्षी दल के नेता का ये बयान आने के बाद साफ हो रहा है कि अब विपक्षियों का मन भी बदल रहा है.

मीडिया सूत्रों के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने कहा कि “वह नवनिर्मित संसद भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे. वह बोले कि, यह देख की सम्पत्ति है. इसमें कुछ भी व्यक्तिगत नहीं है.” बेंगलुरू में पार्टी के एक कार्यक्रम में उन्होंने आगे कहा कि “देश के पैसों से नए संसद भवन का निर्माण हुआ है. यह कोई आरएसएस का कार्यालय नहीं है. मैं पूर्व प्रधानमंत्री और इस देश के नागरिक होने के नाते इस कार्यक्रम में जरूर भाग लूंगा.”

भाजपा के विरोध के हैं कई कारण
इसी के साथ उन्होंने आगे कहा कि “मेरे पास राजनीतिक रूप से भाजपा का विरोध करने के लिए कई कारण हैं, लेकिन मैं संसद भवन के उद्घाटन के मामले में राजनीति नहीं करना चाहता. मैं संसद के दोनों सदनों के लिए चुना गया हूं. मैंने संवैधानिक ढांचे में अपने कर्तव्यों का पालन किया है.” इसी के साथ जब उनसे पूछा गया कि वह कार्यक्रम में शामिल होंगे, तो उन्होंने कहा कि “कई लोगों ने मुझसे पूछा है कि क्या मैं पूर्व प्रधानमंत्री के रूप में कार्यक्रम में शामिल होऊंगा, तो मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि मैं संविधान से बंधा हूं. इसलिए मैं कार्यक्रम में शामिल होने जा रहा हूं.”

बता दें कि देवगौड़ा का यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है, जब तमाम विपक्षी दलों ने संसद भवन के उद्घाटन कार्यक्रम का बहिष्कार किया है. ऐसे में उनका ये बयान काफी महत्व रखता है. वहीं इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का भी बयान पहले आ चुका है, जिसमें उन्होंने भी विरोध दर्ज कराते हुए कहा है कि, “राष्ट्रपति से संसद का उद्घाटन न करवाना और न ही उन्हें समारोह में बुलाना – यह देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान है।”

19 विपक्षी दलों ने किया है बहिष्कार

बता दें कि जब से नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर घोषणा हुई है और जानकारी सामने आई है कि पीएम नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे. तभी से सियासी संग्राम छिड़ा हुआ है. लगभग 19 विपक्षी दलों ने उद्घाटन में शामिल न होने की घोषणा करते हुए कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया है. उनकी मांग है कि संसद की नई बिल्डिंग का उद्घाटन पीएम मोदी की जगह राष्ट्रपति करें. तो वहीं ये भी खबर सामने आ रही है कि देवगौड़ा के साथ ही 4 विपक्षी दलों ने पीएम मोदी का समर्थन किया है. वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 28 मई को संसद के नए भवन के उद्घाटन के लिए सभी राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया गया है और वे “अपने विवेक के अनुसार फैसला करेंगे”. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब 19 विपक्षी दल इस कार्यक्रम के बहिष्कार की घोषणा कर चुके हैं.

नए संसद भवन में स्थापित होगा सेंगोल
हाल ही में की एक प्रेस कांफ्रेंस में अमित शाह ने कहा कि ब्रिटिश हुकूमत द्वारा भारत को सत्ता हस्तांतरित करने के प्रतीक स्वरूप प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को दिए गए ऐतिहासिक ‘सेंगोल’ को नए संसद भवन में स्थापित किया जाएगा. ‘सेंगोल’ अभी इलाहाबाद के एक संग्रहालय में है. उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. प्रधानमंत्री द्वारा 28 मई को निर्धारित उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर विपक्षी दलों के बहिष्कार के फैसले के बारे में पूछे जाने पर शाह ने कहा, ‘‘भारत सरकार ने सभी को उद्घाटन के अवसर पर उपस्थित होने के लिए आमंत्रित किया है. सभी अपने विवेक के अनुसार कार्य करेंगे.’’

सेंगोल को न जोड़ें राजनीति से
वहीं, इस मौके पर शाह ने कुछ विपक्षी दलों ने समारोह के बहिष्कार की घोषणा की क्योंकि उनका कहना था कि यह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा किया जाना चाहिए, इस पर जवाब देते हुए कहा कि ‘‘सेंगोल को राजनीति से नहीं जोड़ा जा सकता.’’ ‘सेंगोल’ यह संदेश देता है कि सरकार को न्याय और निष्पक्षता से चलना चाहिए और वह नियम आधारित होना चाहिए. जब यह नए संसद भवन में स्थापित होगा तो यह संदेश लोगों और जनप्रतिनिधियों तक जाएगा.

ये लोग लेंगे हिस्सा
मीडिया सूत्रों के मुताबिक मायावती की पार्टी बसपा और अकाली दल, एचडी देवगौड़ा इस कार्यक्रम का हिस्सा लेंगे. इसके अलावा ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक की पार्टी बीजू जनता दल भी इस उद्घाटन समारोह का हिस्सा होने जा रही है. वहीं जगन मोहन रेड्डी की पार्टी YSRCP भी कार्यक्रम में शामिल होगी.

जानें नए संसद भवन की खास बातें
नया संसद भवन 64,500 वर्ग मीटर है. यह त्रिकोणीय आकार की चार मंजिला इमारत है.

नए संसद भवन का निर्माण कार्य 15 जनवरी 2021 को शुरू हुआ था. इसमें एक पुस्तकालय, कई समिति कक्ष और भोजन कक्ष है.

टाटा प्रोजेक्ट्स ने 970 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से नए संसद भवन का निर्माण किया है.