पाकिस्तान का साथ देने की सजा…JNU ने तुर्किए को दिया तगड़ा झटका; तो वहीं भारत ने चीन के खिलाफ उठाया ये बड़ा कदम
Operation Sindoor: 22 अप्रैल का दिन भारत कभी नहीं भूल सकता. ये वो काला दिन है जब जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान के आतंकियों ने पर्यटकों पर हमला बोला था और 26 मासूम लोगों को मार दिया था. इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया तो पाकिस्तान ने आतंकियों के खिलाफ भारत का साथ देने के बजाए आतंकियों का साथ दिया और फिर कई दिन तक पाकिस्तान ने भारत की सीमा पर हमला कर आम नागरिकों को घायल किया. इस दौरान कई जवान शहीद हो गए और कई आम नागरिक भी मारे गए.
हालांकि अब दोनों देशों के बीच सीजफायर हो चुका है लेकिन 22 अप्रैल से लेकर 11 मई तक पाकिस्तान ने जो जख्म भारत को दिए हैं वो कभी नहीं भरेंगे. यही वजह है कि अब भारत उन देशों के खिलाफ भी एक्शन ले रहा है जिन्होंने पाकिस्तान ही नहीं बल्कि आतंकवाद का भी साथ दिया. चीन के साथ ही मुस्लिम देश तुर्किए ने भी भारत के खिलाफ पाकिस्तान का साथ देने का ऐलान किया था तो वहीं अब जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) ने उसे तगड़ा झटका देते हुए तुर्किए की इनोनू यूनिवर्सिटी (Inonu University) से एमओयू सस्पेंड कर दिया है.
इस सम्बंध में जेएनयू ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर जानकारी दी है और इस कदम को उठाए जाने के पीछे देश की सुरक्षा का हवाला दिया है.
Due to National Security considerations, the MoU between JNU and Inonu University, Türkiye stands suspended until further notice.
JNU stands with the Nation. #NationFirst @rashtrapatibhvn @VPIndia @narendramodi @PMOIndia @AmitShah @DrSJaishankar @MEAIndia @EduMinOfIndia— Jawaharlal Nehru University (JNU) (@JNU_official_50) May 14, 2025
जेएनयू ने पोस्ट में लिखी ये बात
जेएनयू ने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, ‘देश की सुरक्षा को देखते हुए जेएनयू और तुर्किए की इनोनू यूनिवर्सिटी के बीच एमओयू अगले आदेश तक सस्पेंड किया जा रहा है. जेएनयू अपने देश के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है.’ बता दें कि इस पोस्ट के साथ ही जेएनयू ने हैशटैग #NationFirst भी लगाया है.
जानें कब साइन हुआ था एमओयू?
एएमयू को लेकर जेएनयू की वेबसाइट ने जानकारी दी है कि यह एग्रीमेंट 3 फरवरी 2025 को तीन साल के लिए साइन किया गया था. इस तरह से ये एएमयू 3 फरवरी 2028 तक जारी रहना था लेकिन देश की सुरक्षा को देखते हुए जेएनयू ने इसे सस्पेंड कर दिया है.
बड़ी बात ये है कि जेएनयू ने तुर्किए के खिलाफ ये कदम उस वक्त उठाया, जब सरकार ने तुर्किए के न्यूज ब्रॉडकास्टर टीआरटी वर्ल्ड का एक्स अकाउंट भारत में बैन कर दिया है. बता दें कि तुर्किए का ये चैनल भारत के खिलाफ लगातार घृणित और भ्रामक जानकारियां फैला रहा था. तो वहीं अब देश में चीन के साथ ही तुर्किए के प्रॉडक्ट्स और सर्विसेज के खिलाफ विरोध बढ़ रहा है.
तो वहीं तुर्किए के खिलाफ भारत की नाराजगी इसी से साफ होती है कि अधिकतर लोगों ने तुर्किए की अपनी बुकिंग तक रद्द कर दी हैं.
चीन का ये सब बैन
बता दें कि भारत की सीमा पर जब पाकिस्तान ड्रोन और मिसाइल से हमले करवा कर भारत के आम नागरिकों को मुसीबत में डाल रहा था तब चीन ने खुलकर उसका साथ देने के लिए कहा था. तो वहीं अब भारत सरकार ने उसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रोपेगेंडा फैलाने वाले ग्लोबल टाइम्स और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र शिन्हुआ न्यूज के सोशल मीडिया एकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया है।
बता दें कि चीन सिन्हुआ न्यूज कई सालों से भारत के खिलाफ फर्जी खबरों के साथ ही गलत सूचनाएं और दुष्प्रचार फैलाने में लगा हुआ था। इसलिए भारत ने पहले ग्लोबल टाइम्स और फिर शिन्हुआ को भी ब्लॉक कर दिया. बीजिंग में भारत के राजदूत ने इसके लिए चीनी मीडिया ऑउटलेट को फटकार भी लगाई थी. ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान ग्लोबल टाइम्स पूरी बेशर्मी के साथ झूठ फैलाने में जुटा हुआ था. फिलहाल भारत ने उसे कड़ा सबक सिखाने की ओर कदम बढ़ा दिया है. इस तरह से देखा जाए तो भारत ने अभी भी अपने दुश्मन देशों और उसका साथ देने वालों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर का अभियान चला रखा है.