Pankaj Udhas Death: “…जब रिवाल्वर की नोक पर सुनाई थी गजल”, पंकज उधास की यादों से जुड़ा ये रोचक किस्सा हुआ वायरल

February 26, 2024 by No Comments

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Pankaj Udhas Death: गजल गायक पंकज उधास के निधन की खबर के बाद पूरा फिल्मी जगत शोक में डूब गया है. तो वहीं ‘चांदी जैसा रंग है तेरा’, ‘चिट्ठी आई है..’ जैसे सैकड़ों गाने गाकर लोगों की दिल छू लेने वाले पंकज उधास से जुडे सैकड़ों किस्से सोशल मीडिया पर वायरल होना शुरू हो गए हैं. लोग उनके साथ बिताए अपने पलों को साझा कर रहे हैं. गजल गायक पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे और मायानगरी मुंबई में आज सुबह 11 बजे आखिरी सांस ली.

बता दें कि 72 साल के पंकज उधास को बड़ी पहचान फेमस गजल ‘चिट्ठी आई है’ से मिली थी. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक उम्दा गजलों से लोगों के दिल में अपनी जगह बना ली थी. आज उधास परिवार आधिकारिक नोट के साथ सिंगर के निधन का खबर दी. उन्होंने बताया कि गायक लंबी बीमारी से पीड़ित थे. सिंगर के निधन के बाद अब उनकी पुराने किस्सों को लोग याद कर रहे हैं. उसी में एक किस्सा जो उन्होंने सुनाया था कभी वह यहां पर बताने जा रहे हैं, कि कैसे वह एक शख्स से इतना डर गए थे.

कपिल के शो में सुनाया था अपनी डर का किस्सा
‘द कपिल शर्मा शो’ पर पंकज उदास एक बार अनूप जलोटा, हरिहरन सहित कई दिग्गज गायकों के साथ पधारे थे. यहां उन्होंने बताया था कि, मैं एक बार ऐसे ही एक महफिल में बैठकर गजल गा रहा था. मैंने 3 से 4 गजलें गा दी थीं और अब मेरे समय खत्म हो रहा था. तभी एक साहब मेरे पास आए और बोले भाई जरा फलां-फलां गजल अब सुना दो. उसकी ये बात सुनकर, मैंने कहा- ‘क्यों अभी सुनाऊं भई , मैं तुम्हारा या किसी का गुलाम तो हूं नहीं कि जब तुम बोलोगे तो मैं गा दूंगा’. इसके बाद उसने अपनी जेब से एक रिवॉल्वर निकाली और वह उसे लहराने लगा. इस पर पंकज उधार ने बताया था कि, वह इतना डर गए थे कि फिर उसकी पसंद की गजल तुरंत सुना दी थी.

मां से सीखी थी संगीत की कला
बता दें कि, साल 2006 में पंकज उधास को पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था. उनका जन्म 17 मई 1951 को गुजरात के जेतपुर में हुआ था. वह परिवार में तीनों भाइयों में सबसे छोटे थे. उनका परिवार राजकोट के पास चरखाड़ी नाम के एक कस्बे का रहने वाला था. उनके पिता केशुभाई उधास सरकारी कर्मचारी थे, उन्हें इसराज बजाने का बहुत शौक था. तो दूसरी ओर उनकी मां जीतूबेन उधास को गानों का इतना शौक था कि वह गुनगुनाया ही करती रहती थीं. ही वजह थी पंकज उधास समेत उनके दोनों भाइयों का रुझान संगीत की तरफ हमेशा से रहा और उन्होंने खूब नाम कमाया.