Pitru Paksha-2024: पितृपक्ष के दौरान ईसाई और मुस्लिम समाज भी पहुंच रहे हैं गया…कर रहे हैं पिंडदान, ये वजह आई सामने

October 1, 2024 by No Comments

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Pitru Paksha-2024: पितृपक्ष के दौरान बिहार के गया में विश्व पितृपक्ष मेला 2024 का आयोजन किया जा रहा है. बता दें कि कल पितृ विसर्जन की अमावस्या है. यानी कल पितृपक्ष सम्पन्न हो जाएंगे. यही वजह है कि गया में अपने पितरों का पिंडदान करने वालों की भारी भीड़ उमड़ रही है.

माना जाता है कि गया में पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष मिलता है. यही वजह है कि यहां पर न केवल भारत के बल्कि विदेशी भी अपने पितरों का पिंडदान करने के लिए पहुंच रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां पर जर्मनी, रूस, नाइजीरिया सहित कई अन्य देशों के लोग यहां आए हैं और सनातन धर्म के अनुसार, अपने पूर्वजों का पिंडदान कर रहे हैं. खास बात तो ये है कि इनमें कई ईसाई और मुस्लिम भी शामिल हैं, लेकिन सनातन धर्म से प्रभावित होकर वे यहां पर पिंडदान कर रहे हैं।

गया में स्थित देव घाट पर कई देशों की विदेशी महिलाओं को पिंडदान करते हुए देखा गया. महिलाएं और पुरुष दोनों ही भारतीय परिधान पहने नजर आए, जो पूरी तरह से भारतीय नजर आ रहे थे. गौरतलब है कि गया में 17 सितंबर से पितृपक्ष मेला आयोजित किया जा रहा है। यह मेला 2 अक्टूबर तक चलेगा। यहां देशभर से लोग अपने पितरों को पिंडदान करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक आंकड़े की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार यहां पर करीब आठ लाख से अधिक लोग पहुंचे हैं।

सनातन धर्म में जताया विश्वास

स्थानीय पुरोहित लोकनाथ गौड़ ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि लगभग 15 विदेशी तीर्थयात्री यहां पहुंचे और देव घाट पर सभी ने पितरों का पिंडदान किया है। इन लोगों ने सनातन धर्म में भरोसा है. कई लोगों ने अपने माता-पिता, तो कई ने बेटे और पत्नी को लेकर पिंडदान किया। जो भी विदेश से यहां पर आए हैं, उनमें सनातन धर्म को लेकर विश्वास दिखा है.

ये है मान्यता

नाइजीरिया के विष्णु ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पिंडदान करने के लिए ही वह गया आए हैं. उनके कई मित्र भी उनके साथ में हैं. वह कहते हैं कि ऐसी मान्यता है कि यहां पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और इसी वजह से वह यहां पर आए हैं. (फोटो-सोशल मीडिया से ली गई है)

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