News: पूर्व मंत्री व तृणमूल कांग्रेस विधायक जाकिर हुसैन के घर और कारखाने से मिला नोटों का पहाड़, देखें कितने करोड़ मिले, जानें क्या बोली भाजपा
कोलकाता से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां तृणमूल कांग्रेस नेताओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इस बार पूर्व मंत्री व मुर्शिदाबाद के जंगीपुर के तृणमूल विधायक जाकिर हुसैन के घर व कारखाने से नोटों का पहाड़ मिला है या कह लें कि ‘कुबेर का खजाना’ बरामद हुआ है।
मीडिया सूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग के छापामारी अभियान में हुसैन के घर, आफिस, गोदाम, फैक्ट्री से 11 करोड़ रुपये बरामद हुए हैं। आयकर विभाग ने जंगीपुर के अलावा दिल्ली और कोलकाता में भी अभियान चलाया है। अभी तक कुल 15 करोड़ रुपये बरामद किए जा चुके हैं। जानकारी सामने आई है कि आयकर विभाग ने कल दोपहर से ही विधायक के घर, कारखाने व आफिस में छापामारी अभियान चला रखा है। जो अभी तक जारी है। आयकर विभाग के सूत्रों ने कहा कि 11 करोड़ रुपये में से नौ करोड़ रुपये उनके आवास से बरामद हुए हैं, जबकि बाकी दो करोड़ रुपये चावल फैक्ट्री से मिले हैं।
देखें क्या कहा हुसैन ने
केंद्रीय सशस्त्र बलों के कर्मियों के साथ आयकर विभाग की मैराथन छापेमारी देखकर हुसैन सहम गए और उन्होंने कहा कि यह रुपये कारखानों के श्रमिकों का वेतन देने के लिए रखे गए थे। इसी के साथ उन्होंने ये भी कहा कि उनके मेरे परिसर में आने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन कार्रवाई का तरीका अलग हो सकता था। मैं कोई अपराधी नहीं हूं। मैं एक व्यापारी होने के साथ-साथ एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी हूं। यह मुझे परेशान करने और सार्वजनिक रूप से मेरी छवि खराब करने के अलावा और कुछ नहीं है। मैं पिछले 23 वर्षों से नियमित और ईमानदार करदाता हूं।’
देखें क्या-क्या हुआ जब्त
मीडिया सूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग ने जिन जगहों पर छापेमारी की, वहां से कई कागज और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज भी जब्त किए। आयकर विभाग ने नकद बरामदगी के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भी सूचित कर दिया है।
देखें क्या बयान आया भाजपा की ओर से
बंगाल में इस मैराथन छापेमारी को लेकर राजनीतिक घमासान भी शुरू हो गया है। बंगाल में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने बयान जारी करते हुए कहा कि , तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के आवास से बेहिसाब नकदी की बरामदगी कोई नई बात नहीं है। करोड़ों रुपये के शिक्षक भर्ती घोटाले के संबंध में पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी सहयोगी के आवास से पहले भी हमने इसी तरह की नकदी की बरामदगी देखी है। बंगाल की पूरी सत्ताधारी पार्टी गले तक भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।