राहुल-धर्मेंद्र आरक्षण पर क्यों नहीं बात करते…? सामान्य परिवार का बच्चा ही आत्महत्या करता है; नीट अभ्यर्थी का फूटा गुस्सा-Video
NEET Paper Leak Case-Reservations Issue : सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें नीट अभ्यर्थी हर्ष दुबे न्यूज चैनल एनडीटीवी के डिबेट में बैठे हैं और एक सवाल के जवाब में उनका गुस्सा फूट पड़ता है और वह तेज आवाज में कहने लगते हैं कि प्रदर्शन में कोई आरक्षण पर बात क्यों नहीं करता. सबसे ज्यादा आत्महत्या सामान्य परिवार के बच्चे करते हैं. इस पर कोई क्यों नहीं बोलता.राहुल गांधी से लेकर धर्मेंद्र प्रधान तक आरक्षण पर बात क्यों नहीं करते.
हर्ष आगे कहते दिखते हैं कि जाति-धर्म और राज्य के नाम पर आखिर कितना आरक्षण दिया जाएगा? सामान्य वर्ग का दर्द कौन समझेगा? हमारे पास बीजा बनवाने का पैसा नहीं है. मैने फटी बनियाइन पहन रखी है, मैं शर्ट खोलकर दिखा सकता हूं लेकिन हम अपनी इज्जत बचाते हैं. वह ये भी कहते हैं कि जब शांति पूर्ण प्रदर्शन किया जाता है तो कोई सुनता नहीं है. आखिर आरक्षण पर कोई क्यों नहीं बात करता है. चार साल से ऐसा हो रहा है.
हमारे साथ के लोगों के बड़े-बड़े हॉस्पिटल हैं, वो हमसे कम नम्बर पाते हैं लेकिन पास कर दिए जाते हैं. क्या आप जानते हैं कि कहां-कहां होता है रिजर्वेशन? हर्ष का गुस्सा बढ़ते देख न्यूज एंकर हर्ष को बैठने के लिए कहते हैं तो वहीं हर्ष सवाल पर सवाल दागते हैं.
🚨 आख़िर कास्ट बेसिस रिजर्वेशन पे कोई बात क्यों नहीं करता न तो पक्ष ओर नहीं विपक्ष,,क्या सामान्य वर्ग दोयम दर्जे का नागरिक है जो सरकार अपने वोट बैंक के चक्कर में अनदेखा कर रही हैं???? pic.twitter.com/iRLsprkcpx
— ajay sanatani (@AJAYKUM95107739) July 24, 2026
हर्ष का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और आरक्षण के मुद्दे को एक बार फिर से गर्म कर दिया है. सोशल मीडिया पर सवर्ण खुलकर आरक्षण का विरोध कर रहे हैं और देश में गरीबी का एक बड़ा कारण आरक्षण को ही बताया जा रहा है.
मालूम हो कि नीट पेपर लीक के खिलाफ जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर एक दिन पहले पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था. इसके बाद राहुल गांधी से लेकर अखिलेश यादव तक पीएम आवास के बाहर धरना प्रदर्शन करने बैठ गए थे. इस पूरे मामले को लेकर पूरे देश में लोगों में आक्रोश है. खासकर विद्यार्थी इस पूरे मामले में सरकार से खासा नाराज हैं. विद्यार्थी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे लेकिन एक महीने से अधिक हो जाने के बाद भी शिक्षामंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया है तो वहीं पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बारे में बोले और पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा देने की बात कही है.