Russia Ukraine War: पुतिन ने पश्चिमी देशों को सुनाई खरी-खोटी, कहा ‘तुमने भारत को लूटा’, यूक्रेन से जीते चार क्षेत्रों को मिला लिया रूस में
शुक्रवार का दिन रूस के लिए ही नहीं बल्कि भारत के लिए अहम रहा, क्योंकि इस दिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के साथ युद्ध में जीते हुए चार क्षेत्र लुहांस्क, डोनेस्क, खेरसान और जपोरीजिया रूस में मिला लिया तो दूसरी ओर पश्चिमी देशों को खरी-खोटी सुनाते हुए यह तक कह डाला कि तुमने भारत को लूटा। वहीं एक दिन पहले ही नाटो में शामिल होने के लिए यूक्रेन ने एक और कदम आगे बढ़ाया है। इसी के बाद पुतिन का यह भाषण सामने आया है।
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन से जीते शहरों को मिलाने के बाद यूक्रेन के 15 प्रतिशत हिस्से पर अब रूस का नियंत्रण हो गया है। बता दें कि क्रेमलिन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों को जमकर खरी-खोटी सुनाई और भारत का पक्ष लिया। भाषण देते हुए पुतिन ने कहा कि पश्चिमी देश अपने फायदे के लिए किसी भी अन्य देश में सत्ता विरोधी आंदोलनों को हवा देते हैं और वहां की सरकारें गिराने की ताक में लगे रहते हैं। यह कितना बड़ा अंतर्विरोध है कि पश्चिम ने सच्चाई, स्वतंत्रता और न्याय की कीमत पर भारत जैसे देशों को लूटा था। पुतिन ने कहा, पश्चिम ने अपनी उपनिवेशवादी नीति मध्य काल में शुरू कर दी थी। बता दें कि यूक्रेन पर रूस ने फरवरी में हमला बोला था और तभी से लगातार युद्ध जारी है।
रूस का तमाम देशों ने किया समर्थन
पुतिन ने पश्चिमी देशों को खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि इन्होंने गुलामों का व्यापार किया, अमेरिका में मूल निवासियों की हत्या की, भारत और अफ्रीका जैसे देशों को लूटा, चीन के खिलाफ ब्रिटेन और फ्रांस ने लड़ाई लड़ी उन्होंने तमाम देशों को नशे में झोंक दिया। पूरे समूह को जान-बूझकर अतिवादी बना दिया। भूमि और संसाधन बचाने के लिए उन्होंने पशुओं की तरह मनुष्यों का शिकार किया। यह मनुष्य की प्रकृति, सच्चाई, स्वतंत्रता और न्याय के विरुद्ध है। बता दें कि रूस के साथ आने वाले देशों की गिनती बढ़ती जा रही है। पुतिन के विचारों का अब तमाम देश समर्थन करने लगे हैं।
रूसी हमले में 30 और मरे
समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, शुक्रवार को रूस एक तरफ जपोरीजिया को अपना हिस्सा बना रहा था, तो दूसरी तरफ रूसी सैनिकों ने शहर पर हमला करने से भी परहेज नहीं किया। यूक्रेन सरकार के अनुसार, रूसी हमले में 30 लोग मारे गए और 88 घायल हो गए। जपोरीजिया के क्षेत्रीय गवर्नर ओलेक्जांद्र स्तारुख ने बताया कि लोगों का एक काफिला रूस नियंत्रित क्षेत्र की तरफ बढ़ रहा था। उसी दौरान रूसी बलों ने हमला कर दिया। कई अन्य शहरों पर भी रूसी बलों ने हमले किए।