अगर बुखार रहता है तो भोले बाबा को प्रतिदिन अर्पित करें ये खास चीज, देखें और क्या हैं लाभ
सावन का पवित्र महीना चल रहा है। इस महीने में भोले बाबा की पूजा-अर्चना करना सर्वश्रेष्ठ माना गया है। शिवपुराण भी भगवान शिव की पूजा के तमाम उपाए बताए गए हैं, जिससे प्राणी तमाम लाभ को प्राप्त कर सकता है, लेकिन इसके लिए शुद्ध मन और नियत का होना अत्यधिक आवश्यक है। फिलहाल इस लेख में शिवपुराण में दिए उन उपायों को बताने जा रहे हैं, जिसे आप अगर पूरी श्रद्धा और भक्ति से कर लें तो अवश्य ही लाभ प्राप्त कर सकते हैं। बाबा दौलत गिरि संस्कृत महाविद्यालय, लखनऊ के प्राचार्य आचार्य विनोद कुमार मिश्र बताते हैं कि शिवपुराण के अनुसार श्रावण (सावन) मास में भगवान शिव को विभिन्न अन्न और द्रव्य अर्पित कर उनकी कृपा से मन के मुताबिक फल की प्राप्ति की जा सकती है।
रस (द्रव्य) चढ़ाने का फल
सुख व संतान की वृद्धि चाहते हैं तो मात्र जल से शिव की पूजा उत्तम बताई गई है।
बुखार होने पर भी भगवान शिव को जल चढ़ाने से शीघ्र लाभ मिलता है।
अगर तेज दिमाग चाहिए तो शक्कर मिलाकर दूध भगवान शिव को चढ़ाएं।
शिवलिंग पर गन्ने का रस चढ़ाने से सभी आनंदों व भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है।
शिव को गंगा जल चढ़ाने से भोग व मोक्ष दोनों की ही प्राप्ति होती है।
शहद से भगवान शिव का अभिषेक करने से लक्ष्मी अर्थात धन की प्राप्ति होती है।
यदि शारीरिक रूप से कमजोर कोई व्यक्ति है तो भगवान शिव का अभिषेक गाय के शुद्ध घी से करे। ऐसा करने से उसकी कमजोरी दूर हो सकती है।
अन्न चढ़ाने से इसकी होती है प्राप्ति
भगवान शिव को चावल चढ़ाने से धन की प्राप्ति होती है।
तिल चढ़ाने से पापों का नाश हो जाता है।
जौ अर्पित करने से सुख में वृद्धि होती है।
गेहूं चढ़ाने से संतान में वृद्धि होती है।
DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)