पितृपक्ष के दौरान आश्विन कृष्ण पक्ष की अष्टमी को पड़ने वाले जीवत्पुत्रिका व्रत (जीयुतिया) का व्रत माताओं द्वारा अपने संतान…
कनागत के दौरान हमें नियमित रूप से अपने पितरों को जल अर्पित करना चाहिए। दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जल देना चाहिए।
पूजा के समय गंध रहित धूप की ही केवल प्रयोग करें। बिल्व फल प्रयोग न करें और केवल घी का धुआं भी न करें।