ब्राह्मण समाज की महिलाओं पर लाठीचार्ज किया बल्कि इस कड़ाके की ठंड में वाटर कैनन से पानी की बौछार कर विरोध प्रदर्शन को दबाने की कोशिश की.
यह एक औपचारिक पत्र है, न कि किसी सख्त कार्रवाई का प्रमाण।
सामान्य प्रशासन विभाग ने उनके कार्यालय लौटने का चार दिनों तक इंतजार किया लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए. इस पर उनको पहले वाट्सऐप के माध्यम से नोटिस भेजा गया.
सभी संगठनों ने बयान को ‘संविधान का अपमान’ और ‘सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने वाला’ बताया।
जब तक कि मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं कर दे या उससे संबंध नहीं बना दे.