सरकार ने किया भ्रामक प्रचार…IAS संतोष वर्मा के खिलाफ 14 दिसम्बर को भोपाल में होकर रहेगा बड़ा आंदोलन और SC/ST ACT…Video
Bhopal: मध्य प्रदेश के आईएएस संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण बेटियों के लिए दिए गए विवादित बयान के बाद जाने-माने अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने 14 दिसम्बर के दिन आंदोलन के लिए हुंकार भरी है. कल यानी 14 दिसम्बर को भोपाल में संतोष वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग के साथ ही एससी-एसटी एक्ट को खत्म करने को लेकर भी मांग रखी जाएगी.
इस आंदोलन के अगुवा जाने-माने अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल कर ब्राह्मण समाज को संदेश दिया है और बताया है कि सरकार 14 दिसम्बर के आंदोलन को कमजोर करने के लिए संतोष वर्मा पर कार्रवाई का भ्रामक प्रचार कर रही है. इसलिए मोहन सरकार की नहीं सुननी है और 14 दिसम्बर को भोपाल में देश भर से ब्राह्मणों व सवर्णों को पहुंचना है.
#14_दिसंबर_भोपाल_कूच #बगावत #अस्मिता
🔥 संतोष वर्मा ने सनातनी बेटियों और न्यायपालिका पर जिस तरह का ज़हर उगला है, उसे सिर्फ़ पद से हटाना पर्याप्त नहीं है।
उसके खिलाफ FIR ही असली न्याय है—और यही हमारी अटूट माँग है।
14 दिसंबर को भोपाल में सनातन समाज सड़कों पर उतरेगा।
अब आवाज़… pic.twitter.com/dPzwa7T0xw— Adv. Anil Mishra (@Adv_Anil_Mishra) December 12, 2025
उन्होने अपने बयान में कहा, “नमस्कार। मैं समस्त सनातनी एवं सवर्ण समाज से निवेदन करना चाहता हूँ कि कल रात सरकार द्वारा एक पत्र जारी किया गया, जो केंद्र सरकार को संबोधित है। इस पत्र के माध्यम से जनता में यह संदेश फैलाने का प्रयास किया गया कि कोई आंदोलन न हो, और लोग भोपाल में एकत्र न हों लेकिन हकीकत यह है कि उस पत्र में न तो कोई ठोस निष्कर्ष है और न ही सरकार द्वारा कोई अंतिम निर्णय लिया गया है। उस पत्र में केवल कुछ तथाकथित “कमियाँ” गिनाकर केंद्र सरकार से निर्णय लेने की बात कही गई है। यह एक औपचारिक पत्र है, न कि किसी सख्त कार्रवाई का प्रमाण।
14 दिसंबर: ऑपरेशन बगावत | ऑपरेशन अस्मिता | भोपाल कूच
साथियों,
हमारे धर्म, संस्कृति और अस्मिता पर हो रही लगातार छींटाकशी अब सहन नहीं करेंगे। सनातन समाज पर थोपे जा रहे काले कानूनों, विशेषकर एससी/एसटी एक्ट जैसे काले कानून को हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। 14 दिसंबर को हम अपने घरों से… pic.twitter.com/L33KX7bZa8— Adv. Anil Mishra (@Adv_Anil_Mishra) December 11, 2025
यदि वास्तव में सरकार की मंशा संतोष वर्मा को राहत देने या उन्हें उनका आईएएस अवॉर्ड वापस दिलाने की होती, तो पत्र की भाषा बिल्कुल स्पष्ट और निर्णायक होती—जिसमें सीधे-सीधे उनकी रिहाई और सम्मान वापसी का आदेश लिखा जाता। इसके विपरीत, संतोष वर्मा के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है, और केंद्र सरकार से यही अपेक्षा की जा रही है कि अब तक की गई कार्रवाई और तथ्यों के आधार पर उचित व कड़ा निर्णय लिया जाए। इसलिए भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है। यह समय सजग रहने का है, एकजुट रहने का है और अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ आंदोलन का है।
इसी पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा है कि लेकिन हकीकत यह है कि उस पत्र में न तो कोई ठोस निष्कर्ष है और न ही सरकार द्वारा कोई अंतिम निर्णय लिया गया है।
लेकिन हकीकत यह है कि उस पत्र में न तो कोई ठोस निष्कर्ष है और न ही सरकार द्वारा कोई अंतिम निर्णय लिया गया है। pic.twitter.com/4RCYsKwTxf
— Adv. Anil Mishra (@Adv_Anil_Mishra) December 13, 2025
अब उड़ जाएगी सत्ता की नींद
एक अन्य वीडियो को शेयर कर अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने हैश टैग #14_दिसंबर_भोपाल_कूच #बगावत #अस्मिता के साथ ही कहाहै कि 14 दिसंबर को अब सत्ता की नींद उड़ जाएगी! इसी के साथ ही उन्होंने कहा है, “साथियों, अब समाज चुप नहीं बैठेगा—अब अत्याचार बर्दाश्त नहीं होगा—और अब सत्ता की मनमानी नहीं चलेगी। काफ़ी हो चुका है! हमारी बेटियों की अस्मिता को चोट पहुँचाने वाले बयान…
हमारे धर्म के खिलाफ अपमानजनक शब्द…और ऊपर से High Court तक पर मनमानी का आरोप लगाकर संस्थाओं को नीचा दिखाने की कोशिश, ये सब हम और नहीं सहेंगे।
उन्होंने आगे लिखा कि जिस व्यक्ति पर घोटालों, ब्लैकमेलिंग और लगातार विवादित गतिविधियों के आरोप हों…जिसने बार-बार सनातनी समाज का अपमान किया…उस Santosh Verma को सिर्फ़ पद से हटाना न्याय नहीं है। हमारी माँग साफ है—उसके खिलाफ FIR हो और उसे जेल भेजा जाए।
#14_दिसंबर_भोपाल_कूच #बगावत #अस्मिता
🔥 14 दिसंबर — अब सत्ता की नींद उड़ जाएगी!साथियों,
अब समाज चुप नहीं बैठेगा—अब अत्याचार बर्दाश्त नहीं होगा—और अब सत्ता की मनमानी नहीं चलेगी।
काफ़ी हो चुका है!
हमारी बेटियों की अस्मिता को चोट पहुँचाने वाले बयान…
हमारे धर्म के खिलाफ अपमानजनक… pic.twitter.com/4AP0zh7Wdw— Adv. Anil Mishra (@Adv_Anil_Mishra) December 12, 2025
की जाएगी ये मांग
इसी पोस्ट में अनिल मिश्रा ने लिखा है, “हम मुख्यमंत्री आवास तक अपनी आवाज़ लेकर पहुँचेंगे और चार स्पष्ट माँगें रखेंगे—
• SC/ST एक्ट के दुरुपयोग पर पूर्ण रोक व कानून का पुनर्विचार
• आरक्षण केवल आर्थिक आधार पर
• सर बी. एन. राउ को संविधान निर्माता के रूप में मान्यता
• सनातन धर्म की पुनर्स्थापना व सुरक्षित वातावरण”
यह जनआक्रोश का उदय
इसी पोस्ट में अनिल मिश्रा ने लिखा, “अब लड़ाई छिपी नहीं—खुलकर होगी। अब पीछे हटना नहीं—सीधे सामना करना है। 14 दिसंबर को हर सनातनी, हर स्वाभिमानी व्यक्ति, हर परिवार का एक-एक सदस्य भोपाल पहुँचेगा ही पहुँचेगा। यह सिर्फ़ चेतावनी नहीं—जनआक्रोश का उदय है। और याद रखिए—जब सनातन समाज उठ खड़ा होता है, तो सत्ता का अहंकार अपने आप ढह जाता है।