इस दिन जरूरतमंद लोगों को या फिर योग्य ब्राह्मण को ऊनी वस्त्र, कंबल आदि व जूते-चप्पल का दान करना चाहिए. इससे पितृ दोष शांत होता है और संतान से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं.
प्रचलित कथा के मुताबिक मान्यता है कि किसी समय भद्रावती नगरी में सुकेतु नाम का राजा अपनी पत्नी शैव्या के साथ राज करता था.
इस दिन जगत के पालनहार श्रीहरि विष्णु को प्रसन्न करने के लिए उन्हें पीले वस्त्र, पीले फूल, पीले रंग की पुष्प माला, मिठाई, फल आदि अर्पित करें।
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ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
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