प्राचीन काल में महिष्मती नगरी में महीजित नाम का एक धर्मात्मा राजा शासन करता था. वह बहुत ही शांतिप्रिय, दानवीर और ज्ञानी थी.

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इस पर भगवान ने किसान से कहाकि इन्हें कौन जाने देता है. लेकिन ये तो चंचला हैं, कहीं ठहरती ही नहीं है. इनको बड़े-बड़े नहीं रोक सके. इनको मेरा श्राप था.