यह कार्यक्रम गुरु-शिष्य परंपरा, शिक्षा के मानवीय मूल्यों और प्रतिभा सम्मान की भावना का एक सुंदर उदाहरण बनकर सभी के मन में विशेष छाप छोड़ गया।

संस्था के द्वारा विद्यालय को एक वेंडिंग मशीन तथा छात्राओं को सेनेटरी नैपकिन के पैकेट वितरित किए गए जिससे छात्राओं में व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूकता तथा आत्मविश्वास की भावना बढ़ सके।

यह एक व्यापक आत्मरक्षा तकनीक है जिसे सीखने के उपरान्त विभिन्न परिस्थितियों में बालिकाएं अपनी रक्षा करने के लिए व्यावहारिक रूप से कौशल प्राप्त करती हैं।

विद्यालय की छात्रा अनामिका ने योग के महत्त्व के विषय में अपना विचार रखा कि आज की भागदौड़ की ज़िंदगी में योग से जुड़ने के मायने क्या हैं।

कक्षा 12 की विज्ञान वर्ग की छात्रा रिया गौड़ और कक्षा 10 की छात्रा आराधना निषाद को ऑलराउंडर का पुरस्कार मिला।

सीपीएआई इसके साथ-साथ महिला सशक्तिकरण के लिए भी उल्लेखनीय कार्य कर रही है जिसमें सिलाई केंद्रों के माध्यम से भी महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने का प्रयास शामिल है।

स प्रतियोगिता में छात्राओं से भारत की सभ्यता, संस्कृति,महापुरुषों, क्रांतिकारियों, लेखकों, कवियों, सामान्य ज्ञान आदि अनेक विषयों को लेकर उनसे प्रश्न पूछे गए जिसमें छात्राओं ने पूरे उत्साह से प्रतिभाग किया।

दीपावली के पर्व के महत्व को बताते हुए छात्राओं द्वारा इस अवसर पर खूबसूरत दीपकों से विद्यालय को सजाया गया और मनमोहक रंगोली तैयार की गई।

इस मंच के पुनर्गठन की आवश्यकता यह भी थी कि छात्राओं के हितों के प्रतिकूल समाज में प्रचलित व्यवहारों, आदतों, कुरीतियों को जानकर उनके निदान की रणनीतियां तैयार की जा सकें।

Lucknow: पौधों में प्रमुख रूप से आम, नीम, जामुन, इमली आदि थे जिन्हें उत्साहपूर्वक छात्राओं और शिक्षिकाओं द्वारा रोपा गया।