तुम अपनी पत्नी के साथ पुत्रदा एकादशी को भगवान जनार्दन का भक्तिपूर्वक पूजन-अर्चन और व्रत करो तो तुम्हारा श्राप दूर हो जाएगा और तुम्हें अवश्य ही संतान की प्राप्ति होगी.

इस दिन अगर स्नानादि के बाद शिव जी का जलाभिषेक और पंचामृत से अभिषेक करें. इसी के साथ ही शिवाष्टक का पाठ पूरी एकाग्रता से करें.