पूर्व नियुक्त शिक्षकों के संबंध में विशेष प्रावधान करते हुए उनके सेवा-अधिकारों, वरिष्ठता, पदोन्नति तथा अन्य वैधानिक लाभों की रक्षा हेतु आवश्यक विधायी, नीतिगत अथवा प्रशासनिक कदम शीघ्र उठाए जाएँ।

हमने शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, इसलिए शिक्षकों से भी अपेक्षा है कि वे विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपनी पूरी क्षमता का योगदान दें।

धारा 21 की अधिनियमिक व्यवस्था बनाए जाने तथा अन्य मांगों पर वार्ता हुई है, जिनका प्रमुख सचिव द्वारा निस्तारित किए जाने का आश्वासन दिया है.

अधिवेशन में शैक्षिक संगोष्ठी का विषय सुचितापूर्ण नकल विहीन परीक्षा एवं मूल्यांकन है, जो अत्यन्त समीचीन और गम्भीर है।