जो निष्ठा विहीन थे, वो लोग दबाव में आकर अपना धर्म परिवर्तन कर लिया और जो धार्मिक थे, वीर थे हम सभी लोग उनकी ही संतान हैं.

यह व्रत पति की लम्बी उम्र के लिए सुहागिन महिलाएं रखती हैं. इसी धागे ने दीए से आग पकड़ ली थी और बरगद का पेड़ धूं-धूं कर जलने लगा.

इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों का उद्देश्य समाज में भक्ति, सेवा एवं सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना है।

क्या सिर्फ जनता ही बचत करे और आप लोगों का दायित्व देश के प्रति कुछ नहीं बनता? इसी के बाद ही पीएम मोदी ने काफिले की गाड़ियां कम कर दी हैं.