अब खुद को ‘हिंदू’ की बजाय ‘सनातनी’ कहलाना पसंद करने लगे हैं.
बांग्लादेश में मंदिरों को मस्जिद बनाया जा रहा है और आशा को आशिया बनाया जा रहा है. ऐसी घटनाओं से हमें अपने देश को बचाना है.
अब खुद को ‘हिंदू’ की बजाय ‘सनातनी’ कहलाना पसंद करने लगे हैं.
बांग्लादेश में मंदिरों को मस्जिद बनाया जा रहा है और आशा को आशिया बनाया जा रहा है. ऐसी घटनाओं से हमें अपने देश को बचाना है.