Elizabeth II: महारानी एलीजाबेथ द्वितीय को श्रद्धांजलि देने पहुंचीं भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, देखें वीडियो, महारानी के अंतिम संस्कार के लिए दुनिया के 6 देशों को नहीं भेजा गया है आमंत्रण, 19 सितम्बर को होगा अंतिम संस्कार
नई दिल्ली। यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन और उत्तरी आयरलैंड की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय (96) का अंतिम संस्कार 19 सितम्बर को किया जाएगा। इससे पहले देश-दुनिया के प्रथम नागरिक व प्रधानमंत्री उनके अंतिम दर्शनों के लिए वेस्टमिंस्टर हॉल लंदन पहुंच रहे हैं। इसी बीच खबर सामने आ रही है कि नए सम्राट की ओर से दुनिया के 6 देशों को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए आमंत्रण नहीं भेजा गया है।
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक रविवार (भारत के समय के मुताबिक) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वेस्टमिंस्टर हॉल लंदन में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को अपनी और भारत के लोगों की तरफ से श्रद्धांजलि अर्पित की। विदेशी मीडिया के मुताबिक महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार में छह देशों को आमंत्रित नहीं किया गया। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का 19 सितंबर को वेस्टमिंस्टर एब्बे में अंतिम संस्कार किया जाएगा और अंतिम संस्कार में दुनिया भर के प्रमुख नेता शामिल हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि 19 सितम्बर को होने वाले अपने राजकीय अंतिम संस्कार में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के गौरवशाली जीवन और विरासत को चिह्नित करेगा। महारानी ने 9 सितंबर को अंतिम सांस ली थी। विशेष रूप से, उनकी मृत्यु के बाद से शाही परिवार और ब्रिटेन के लोग शोक में हैं।
1965 में विंस्टन चर्चिल के बाद महारानी का अंतिम संस्कार ब्रिटेन में पहला राजकीय अंतिम संस्कार है। एक राजकीय अंतिम संस्कार का मतलब है कि यूके सरकार ने आधिकारिक तौर पर अंतिम संस्कार के दिन को बैंक अवकाश घोषित किया है। देशों के राजनीतिक प्रमुखों से लेकर शाही परिवार के अलग-अलग सदस्यों और दुनिया भर के गणमान्य व्यक्ति अंतिम संस्कार के लिए यूके पहुंच रहे हैं।
इन देशों को रखा गया है बाहर
महारानी के अंतिम संस्कार के लिए कथित तौर पर, रूस, बेलारूस, म्यांमार, वेनेजुएला, सीरिया और अफगानिस्तान को शाही अंतिम संस्कार के लिए कोई निमंत्रण नहीं भेजा गया है। वर्तमान राजनीतिक स्थिति और इन देशों के साथ यूके के संबंधों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। मीडिया सूत्रों के अनुसार ये खबर सामने आ रही है कि उत्तर कोरिया, ईरान और निकारागुआ को निमंत्रण भेजा गया है, हालांकि उन्हें केवल उनके राजदूत प्रतिनिधियों को भेजा गया था, न कि राज्य के प्रमुखों को। बता दें कि जब सीरिया और वेनेजुएला की बात आती है, तो इन दोनों देशों के साथ ब्रिटेन के कोई राजनयिक संबंध नहीं हैं, जबकि अफगानिस्तान और सीरिया को वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर विचार करने के बाद बाहर रखा गया था।
न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, सूची में रानी के सबसे करीबी परिवार के सदस्य जैसे किंग चार्ल्स III और क्वीन कंसोर्ट कैमिला पार्कर बाउल्स, प्रिंस हैरी और मेघन मार्कल, प्रिंस विलियम और केट मिडलटन, रानी की बेटी राजकुमारी ऐनी और सर टिमोथी लॉरेंस, प्रिंस शामिल अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। एंड्रयू और सारा, और प्रिंस एडवर्ड और सोफी के भी शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि कई विश्व नेताओं ने पहले ही रानी के शाही अंतिम संस्कार में अपनी उपस्थिति की पुष्टि कर दी है। इसके अलावा, संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति जो बिडेन, कनाडा के जस्टिन ट्रूडो और फ्रांस के इमैनुएल मैक्रॉन आदि अंतिम संस्कार में शामिल हो रहे हैं। (फोटो सोशल मीडिया)
देखें अन्य वीडियो