भाजपा नेता ने PM मोदी को लिखी खून से चिट्ठी…इस मुद्दे को लेकर पार्टी में शुरू हुई बगावत-Video
UGC New Act: विश्व विद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन सवर्ण समाज द्वारा किया जा रहा है. इसी बीच भाजपा नेता जगदीश पचौरी ने अपने खून से पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी है और इसे दमनकारी बिल बताते हुए वापस लिए जाने की मांग की है.
बता दें कि इस मामले में पूरे देश में सवर्ण समाज विरोध प्रदर्शन कर रहा है और सैकड़ों की सख्या में लोग जिलाधिकारियों को ज्ञापन भी सौंप चुके हैं. तो वहीं जगदीश पचौरी का खून से खत लिखने वाला वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
बता दें कि आगरा शहर के पूर्व पार्षद जगदीश पचौरी ने बिल में बहुत सारी त्रुटियां बताते हुए कहा कि ये बिल आने वाले समय में बहुत ही कष्टप्रद साबित होगा. उन्होंने आगे कहा कि इसके कुछ मुख्य बिंदु इस तरह से के हैं कि इससे नियम की विश्वसनीयता नहीं रह जाती और यह नियम सिर्फ सवर्ण समाज के उत्पीड़न का प्रतीक बनकर रह गया है.
इसलिए बिल पर एक बार फिर से विचार किया जाना चाहिए. अगर ऐसा नहीं होता है तो और जातिगत भेदभाव बढ़ता है तो हम आंदोलन को मजबूर होंगे तो वहीं क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने भी आंदोलन की चेतावनी दी है. हालांकि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है और फिलहाल के लिए सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. बता दें कि पार्षद जगदीश पचौरी ने खून से लेटर 27 जनवरी 2026 को लिखा था लेकिन उनका वीडियो आज भी लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
UGC को लेकर भाजपा नेताओं में जबर्दस्त उबाल….पार्टी से बगावत के मूड में है कई नेता।
भाजपा नेता जगदीश पचौरी ने यूजीसी के खिलाफ प्रधानमंत्री मोदी को अपने खून से लिखी चिट्ठी।
चलो किसी का जमीर तो जागा.. pic.twitter.com/SsjQ9DlYwn
— Er. Durgesh Pandey (@ErDurgeshPande7) March 20, 2026
मालूम हो कि यूजीसी के नए नियमों के तहत जानकारों ने बताया कि अगर शिक्षण संस्थान में SC/ST/OBC के छात्र किसी जनरल कैटगरी के छात्र पर कोई आरोप लगा देते हैं तो उनका पक्ष सुने बगैर की उनको खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए शिक्षण संस्थान से बाहर कर दिया जाएगा. इस एक्ट की सबसे बड़ी कमी ये है कि इसमें जनरल कैटेगरी को पीड़ित माना ही नहीं गया और पहले से ही आरोपी मान लिया गया है यानी अगर कोई SC/ST/OBC का छात्र झूठा आरोप भी लगाता है तो भी जनरल कैटेगरी के बच्चों की नहीं सुनी जाएगी.
तो वहीं अगर किसी तरह की घटना जनरल कैटेगरी के खिलाफ SC/ST/OBC द्वारा कारित की जाती है तो जनरल कैटगरी कहीं भी शिकायत नहीं कर सकता. यानी साफ है कि जनरल कैटेगरी के बच्चों को हर तरह से मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप सवर्ण समाज द्वारा लगाया जा रहा है.
आज UGC पर कोई सुनवाई नहीं हुई है
अब सुनवाई 23 मार्च को होगी #UGC_काला_कानून_वापस_लो pic.twitter.com/QoFDcvpL1R— ब्राह्मण साहब 🚩🐯 (@BRAHMAN_BR28) March 19, 2026