UP Basic Shiksha: सड़क हादसे में घायल परिषदीय शिक्षक की मौत, हाल ही में मिली थी नियुक्ति, देखें परिवार की दर्द भरी दास्तां
लखनऊ। घने कोहरे के कारण सोमवार को बेसिक शिक्षा के सहायक अध्यापक प्रदीप कुमार की बाइक एक अज्ञात वाहन से टकरा गई थी और उनको मेडिकल कॉलेज में रेफर किया गया था और फिर वहं से बरेली रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई थी। उनकी मौत के बाद से ही पूरा परिवार सदमे में है और पत्नी बेसुध हो गई है। चार साल पहले ही उनकी शादी हुई थी, लेकिन संतान का सुख नहीं मिल सका था। प्रदीप ने पहली ही बार में टीईटी की परीक्षा पास कर 2020 में इस नौकरी को हासिल किया था।

बता दें कि हादसे के वक्त प्रदीप एटा जिले बदायूं आ रहे थे। वह यहां वजीरगंज ब्लॉक के पिपरिया गांव के प्राथमिक स्कूल में बतौर सहायक अध्यापक कार्यरत थे। हादसा उझानी कोतवाली क्षेत्र में बरेली-मथुरा हाईवे पर गांव बितरोई मोड़ के पास सोमवार सुबह करीब साढ़े सात बदे हुआ था। प्रदीप एटा जिले के कोतवाली क्षेत्र के गांव शिवसिंहपुर के निवासी थे। उनकी उम्र मात्र 33 वर्ष थी। बताया जा रहा है कि वह बाइक से स्कूल जा रहे थे और पीछे से किसी वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी थी, जिससे वह गम्भीर रूप से घायल हो गए थे।
हादसे की खबर से बाद ही पुलिस ने तत्काल उनको मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था, लेकिन यहां हालत में सुधार न होने पर उनको बरेली हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया था, लेकिन रास्ते में ही उनका निधन हो गया। परिवार के होनहार बेटे के यूं अचानक इतनी कम उम्र में चले जाने के कारण पूरा परिवार सदमे में है और पत्नी की तो हालत ये हो गई है कि वह बार-बार बेहोश हो जा रही है। मीडिया सूत्रों के मुताबिक रोते-रोते उसके आंसू सूख गए हैं। आस-पास के लोगों का कहना है कि शादी के चार साल बाद भी कोई संतान प्रदीप को नहीं हुई थी। उम्मीद थी कि जल्द ही उसकी पत्नी की गोद भर जाएगी, लेकिन इस घटना के बाद तो मानो परिवार का सबकुछ उजड़ गया हो। परिवार ही नहीं पूरा गांव ही प्रदीप की मौत के बाद सदमे में है। बताया जा रहा है कि प्रदीप का व्यवहार भी बहुत अच्छा था और वह हर किसी की मदद करते रहते थे। वह पढ़ने में भी बहुत होनहोर थे। उनकी कई अन्य सरकारी नौकरी के लिए ऑफर थे, लेकिन उन्होंने शिक्षक बनना ही पसंद किया था।