Basic Shiksha:डीजी बेसिक शिक्षा ने रोका खंड शिक्षाधिकारियों का वेतन तो इन्होंने रोक दिया शिक्षकों का वेतन, देखें किस जिले का है मामला और किस खंड में कितने शिक्षकों का रुका वेतन
लखनऊ/कानपुर। आधार-DBT सहित तमाम कामों को पूरा न करने के मामले में उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले को पिछड़ा बताते हुए इसी महीने में महानिदेशक बेसिक शिक्षा विजय किरण आनन्द ने नगर क्षेत्र सहित 8 विकास खंडों के खंड शिक्षाधिकारियों (BEO) का वेतन रोक दिया था, तो जब वेतन बिल बनाकर लेखा में देने का समय आया तो बीईओ ने शिक्षकों का वेतन रोक दिया है।
हालांकि वेतन रोकने के मामले में खंड शिक्षाधिकारियों ने लेखाधिकारी को अलग-अलग वजह बताई है, लेकिन जिला बेसिक शिक्षा विभाग कानपुर के सूत्रों के मुताबिक खंड शिक्षाधिकारी ने शिक्षकों का वेतन इसीलिए रोक दिया, क्योंकि उनका वेतन डीजी के आदेश पर बीएसए ने रोक दिया है।
बता दें कि 22 अगस्त को महानिदेशक की लखनऊ में समीक्षा बैठक थी, जहां पूरे प्रदेश के जिला बेसिक शिक्षाधिकारियों ने हिस्सा लिया था और अपने-अपने जिले के कार्यों की प्रगति की जानकारी देते हुए आंकड़े प्रस्तुत किए गए थे, जिसमें से कानपुर में अभी भी डीबीटी आधार आथन्टिकेशन एवं छात्र-छात्राओं के आधार बनाने, खाद्य सुरक्षा भत्ती की फीडिंग के साथ ही अगस्त माह की केपीआई की प्रगति जनपद कानपुर में अत्यंत न्यून पाई गई। इसी पर महानिदेशक ने नाराजगी जताते हुए एक हफ्ते में काम पूरा करने की चेतावनी भी दी थी।
इसी मामले को लेकर जिला बेसिक शिक्षाधिकारी (बीएसए) कानपुर नगर सुरजीत कुमार सिंह ने एक आदेश जारी करते हुए नगर क्षेत्र के साथ ही बिधनू, भीतरगांव, सरसौल, कल्याणपुर, चौबेपुर, शिवराजपुर, ककवन, बिल्हौर के खंड शिक्षाधिकारियों का वेतन तब तक के लिए रोक दिया गया है, जब तक सभी अधूरे कार्य पूरे नहीं हो जाते। इन सबसे के लिए एक हफ्ते का वक्त दिया गया था।
तो वहीं अगस्त का महीना खत्म होने पर जब शिक्षकों के वेतन बिल देने का नम्बर आया तो कानपुर नगर के सदरबाजार खंड ने ये वजह बताते हुए करीब 25 शिक्षकों का वेतन रोक दिया है, कि इन लोगों ने उपभोग प्रमाण पत्र नहीं दिया। जबकि इस मामले में सूत्रों ने बताया कि वेतन इसलिए रोका है, क्योंकि बीईओ का वेतन रोक दिया गया है। वहीं टेक्नकल फॉल्ट की वजह से ककवन के 21 शिक्षकों का वेतन रुक गया है तो वहीं कल्याणपुर ब्लाक के सभी शिक्षकों का वेतन शुक्रवार को रिलीज नहीं हो सका है, क्योंकि वेतन बिल देर से दिया है। अर्थात जो वेतन बिल 30-31 अगस्त तक लेखाधिकारी कार्यालय में भेज दिया जाना चाहिए, उसे उन्होंने 2 सितम्बर को भेजा है।