UP कांग्रेस को जल्द ही मिल सकती है नई कमेटी, निष्क्रिय पदाधिकारियों को दिखाया जाएगा बाहर का रास्ता, हाई कमान ने इनको दी ये अहम जिम्मेदारी
UP Politics: लोकसभा चुनाव-2024 के दौरान उत्तर प्रदेश में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद से कांग्रेस यूपी में और भी मजबूती के साथ खड़ी होने का प्लान बना रही है. इसके लिए हाल ही में 10 विधानसभा सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव पर पूरी तरह से फोकस कर रही है. इसके अलावा अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार नए प्रयोग कर रही है. इसी क्रम में जहां हाल ही में पांच प्रभारी सचिवों की नई लिस्ट जारी की गई थी तो वहीं अब जानकारी सामने आ रही है कि जल्द ही नई कमेटी का भी गठन हो सकता है और निष्क्रिय पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है.
पार्टी सूत्रों की मानें तो इसके लिए हाईकमान लगातार मंथन कर रहा है. बताया जा रहा है कि वर्तमान कमेटी के पदाधिकारियों की निष्क्रियता से हाईकमान लगातार नाराज चल रहा है. यही कारण है कि नई कमेटी के गठन को लेकर नई रणनीति बनाई जा रही है. विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो अक्टूबर में यूपी कांग्रेस को नई कमेटी मिल सकती है. इसकी जिम्मेदारी भी हाल ही में नियुक्ति पांचों प्रभारी सचिव को ही दी गई है. बता दें कि हाल ही में कांग्रेस कमेटी ने धीरज गुर्जर, राजेश तिवारी, तौकीर आलम, प्रदीप नरवाल और नीलांशु चतुर्वेदी को प्रभारी सचिव पद की पुनः जिम्मेदारी सौंपी थी.
ऐसा माना जाता है कि केंद्र की सत्ता यूपी से होकर जाती है. यही वजह है कि राजनीतिक दलों का अधिक से अधिक फोकस यूपी की अधिक से अधिक सीटें जीतने का रहता है. इसी को देखते हुए अब कांग्रेस यहां पर अपनी पकड़ को मजबूत करने में जुटी हुई है. ये भी कहा जा रहा है कि प्रियंका गांधी की भी वापसी हो सकती है. वैसे भी प्रियंका गांधी का यूपी की राजनीति में अहम रोल रहा है. वह यूपी कांग्रेस की जिम्मेदारी सम्भाल चुकी हैं.

कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी अशोक सिंह ने बताया कि यूपी को जल्द ही नई कमेटी मिल सकती है. इसके लिए हाई कमान के स्तर से मंथन शुरू हो गया है.
उपचुनाव पर फोकस
मालूम हो कि यूपी में जल्द ही दस विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं. इनमें करहल, मिल्कीपुर, कुंदरकी, कटेहरी, मीरापुर, खैर, गाजियाबाद, फूलपुर, मझवां और सीसामऊ सीट शामिल हैं. माना जा रहा है कि कांग्रेस इस चुनाव में जीत हासिल करने के लिए लगातार रणनीति तैयार कर रही है और नए नियुक्त किए गए प्रभारी सचिवों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है. पार्टी सूत्रों की मानें तो एक बार फिर से छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की यहां के लिए वापसी हो सकती है और उनको यूपी की प्रभारी बनाया जा सकता है. तो वहीं प्रियंका गांधी को भी यूपी की कमान फिर से दी जा सकती है.