UP News: बेसिक शिक्षा मंत्री का दावा निकला खोखला, “निपुण भारत मिशन” पर लगा प्रश्न चिह्न, बंदी की कगार पर परिषदीय स्कूल, एकल शिक्षक भी लगाए गए BLO कार्य में, एक शिक्षिका ने की निलम्बन की मांग, देखें वीडियो, जानें क्या बोले BSA

September 25, 2022 by No Comments

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उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में बेसिक शिक्षा के स्कूल बंदी की कगार पर पहुंच गए हैं। शिक्षकों का दावा है कि यहां के सभी खंड़ों के शिक्षकों को बीएलओ कार्य में लगा दिया गया है। यहां तक की प्रधानाध्यापकों को भी नहीं छोड़ा गया है। इस वजह से कोई शिक्षक बचा ही नहीं जो स्कूल खोले और बच्चों को पढ़ाए। इस हकीकत के सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह का दावा तो खोखला निकला ही साथ ही सरकार के निपुण भारत पर भी प्रश्न चिह्न लगता नजर आ रहा है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि आर्थिक रूप से कमजोर व गरीब बच्चे शिक्षित कैसे होंगे, जिस उद्देश्य के लिए बेसिक शिक्षा विभाग बनाया गया।

जानें क्या किया था मंत्री ने दावा
हाल ही में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने विधानसभा सत्र में नेता विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कहा था कि परिषदीय शिक्षकों से अब पुरानी परम्परा को समाप्त करके कोई भी शिक्षणेत्तर कार्य नहीं कराया जा रहा है। अब शिक्षक केवल शिक्षण कार्य ही कर रहे हैं। इस सम्बंध में उनकी वीडियो भी वायरल हुआ था। इसी वीडियो में वह यह भी कहते दिखाई दे रहे हैं कि स्कूलो में सफाई कार्य के लिए भी अलग से व्यवस्था कर दी गई है अब बच्चों व शिक्षकों को स्कूल की सफाई करने की कोई आवश्यकता नहीं, जबकि हकीकत बिल्कुल इतर है।

देखें कानपुर नगर के कुछ खंडों का हाल

बिल्हौर
बिल्हौर मे कुल 172 स्कूलों में से लगभग 65 विद्यालयों के समस्त स्टाफ को नगर निकाय और लोकसभा निर्वाचन मे लगा दिया गया है। बिल्हौर के दूरस्थ गावों मे रहने वाले लगभग 36 शिक्षामित्रों एंव 34 शिक्षकों की ड्यूटी उनके घरों से 60 से 70 किलोमीटर दूर नगरीय क्षेत्रों मे लगा दी गई है।

कल्याणपुर
कल्यानपुर मे कुल 143 स्कूल हैं। जिनमें लगभग 634 शिक्षक/शिक्षिकाएं है। इनमे से पहले से ही विधानसभा मे लगभग 277 शिक्षक / शिक्षिकायें BLO कार्य में लगे हुए है और अब लगभग 267 शिक्षक / शिक्षिकाओं को नगर निगम के निर्वाचन मे लगा दिया गया है। इस तरह से कल्यानपुर ब्लाक मे 143 विद्यालयों को संचालित करने के लिये सिर्फ 90 शिक्षक / शिक्षिकाओं को ही छोड़ा गया है। मजे की बात तो यह है कि यहां लगभग 35 विकलांग शिक्षक / शिक्षिकाओं को भी नही छोडा गया और बीएलओ कार्य में लगा दिया गया है।

सरसौल
सरसौल ब्लॉक मे कुल 177 विद्यालय है और कुल शिक्षक 700 है। जिनमे से विधानसभा निर्वाचन मे पहले से 260 शिक्षक BLO कार्य में लगे हुए है और अब नगर निगम मे 642 शिक्षक/शिक्षिकाएं लगा दिये गये है। यहां लगभग 40 विकलांग शिक्षक/शिक्षिकाएं है। शिक्षामित्रों की भी ड्यूटी लगा दी गयी है।

नगर क्षेत्र से प्रेमनगर
प्रेमनगर खंड से एक शिक्षिका ने खंड शिक्षा अधिकारी प्रेम नगर को अनुरोध करते हुए जानकारी दी है कि प्रार्थिनी के विद्यालय में लगभग 150 बच्चे हैं और विद्यालय की शिक्षामित्र की ड्यूटी पहले से ही बीएलओ में चल रही है जिसके कारण प्रार्थिनी पहले से ही अकेले ही विद्यालय का संचालन कर रही है। बच्चों को पढ़ाने के साथ ही डीबीटी का कार्य भी करना पड़ता है, जो कि पहले से ही पेंडिंग पड़ा है। क्योंकि विद्यालय के शिक्षामित्र कहते हैं कि हमारी ड्यूटी बीएलओ में लगी है हम फील्ड वर्क में जा रहे हैं और हम बीएलओ के अलावा कोई कार्य नहीं कर पा रहे हैं।

तो वहीं प्रार्थिनी अकेले ही विद्यालय संभाल रही है तथा डीबीटी का कार्य खाद्य सुरक्षा भत्ता निपुण भारत मिशन तथा अन्य सूचनाएं आदि बच्चों को एमडीएम खिलाना विद्यालयों को खुलवा कर बंद करना विद्यालयों की साफ-सफाई करते-करते ढाई 3:00 बज जाता है। इसके बाद विद्यालय समय 3:00 बजे तक हो जाएगा विद्यालय बंद करते करते 4:00 बज जाएगा 4:00 बजे के बाद यदि प्रार्थिनी बीएलओ ड्यूटी करने जाती है तो शाम हो जाने की वजह से असुरक्षा का खतरा भी बना रहता है।

इस वजह से प्रार्थिनी मानसिक रूप से तनाव में है और प्रार्थिनी इस कारण बीएलओ ड्यूटी करने में असमर्थ महसूस कर रही है इसलिए प्रार्थिनी निलंबन जैसी किसी भी कार्यवाही के लिए तैयार है यदि प्रार्थिनी का निलंबन कर दिया जाए तो प्रार्थिनी को मानसिक तनाव से छुटकारा मिल जाएगा।

इसी तरह प्रेमनगर खंड से ही एक और शिक्षिका का मैजेस वायरल हो रहा है, जिसमें शिक्षिका ने खंड शिक्षा अधिकारी प्रेम नगर को जानकारी दी है कि प्रार्थिनी की ड्यूटी BLO में लगा दी गई है। प्रार्थिनी के विद्यालय में 83 बच्चे दर्ज हैं, जिनमें से लगभग 65 बच्चे रोज विद्यालय आते हैं। दोनों शिक्षामित्रों की ड्यूटी बीएलओ में पहले से ही लगी हुई है, जिसके कारण वह लोग विद्यालय में कार्य नहीं करते हैं और प्रार्थिनी इस समय डीबीटी खाद्य सुरक्षा भत्ता मिशन निपुण भारत जैसे तमाम महत्वपूर्ण योजनाओं का कार्य कर रही है तो दूसरी ओर ड्यूटी बीएलओ में भी लगा दी गई है। इस वजह से विद्यालय बंद हो जाएगा। कल दिनांक 26 सितंबर 22 को जिला प्रशासन से ड्यूटी प्राप्त करने प्रार्थिनी जाएगी। इस वजह से विद्यालय का संचालन बंद हो जाएगा। इसलिए आपसे अनुरोध है कि विद्यालय का संचालन किसी से करवाने का कष्ट करें।

बता दें कि कानपुर जिले में 10 विकास खंडो के साथ ही नगर क्षेत्र भी है। ये तो सिर्फ बानगी भर है। कमोबेस यही स्थिति पूरे जिले की है। यही नहीं प्रदेश भर के जिन-जिन जिलों में नगर निकाय के चुनाव हैं, उनमें परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी बिना बच्चों के भविष्य व पढ़ाई को सोचे बगैर लगा दी गई है। फिलहाल कानपुर जिले में ये कार्य एडीएम सिटी को दिया गया है। मजे की बात तो ये है कि इस कार्य के लिए केवल परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को ही लगाया गया है, किसी अन्य सरकारी विभाग के कर्मचारियों को छुआ तक नहीं गया है। स्कूलों के बंदी की कगार पर पहुंचने की स्थिति में शिक्षकों में रोष व्याप्त हो गया है। शिक्षकों का कहना है कि सबसे कमजोर प्राणी हम लोग ही हैं, जहां मर्जी वहां लगा दो नहीं तो एफआईआर कर दो।

देखें क्या कहते हैं शिक्षक नेता
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला संयोजक चंद्रदीप यादव कहते हैं कि बीएलओ कार्य करने से कोई शिक्षक मना नहीं कर रहा है। यह राष्ट्र का कार्य है, लेकिन ये भी ध्यान रखना होगा कि हमारे विद्यालयों का कार्य प्रभावित न हो। विद्यालय बंद न हों, शिक्षण कार्य बंद न हो। इसी के साथ बीमार, विकलांग, प्रधानाध्यापक और एकल स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी बीएलओ कार्य में न लगाई जाए। क्योंकि हमारे स्कूलों में निपुण भारत मिशन, डीबीटी, काया कल्प सहित तमाम कार्य चल रहे हैं, इसलिए अन्य विभागों के कर्मचारियों से भी मदद ली जाए।

देखें क्या कहते हैं जिम्मेदार
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी सुरजीत सिंह ने बताया कि कोई विद्यालय बंद नहीं होगा। इस सम्बंध में उच्चाधिकारियों से बात कर ली गई है। आज सभी खंड शिक्षाधिकारियों से मीटिंग भी कर ली गई है। ककवन और बिधनू खंड में समस्या सामने आ रही थी, जिसे साल्व कर लिया गया है। कल दोपहर तक पूरी समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।