UP News: “अनोखी साइकिल” के वायरल होने के बाद असद का उत्साह हुआ दोगुना, “अनोखे प्लेन” पर काम शुरू, जानें विशेषता, उद्योगपति आनन्द महिंद्रा ने की बड़ी मदद, देखें वीडियो

December 7, 2022 by No Comments

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आजमगढ़। इन दिनों उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के असद अब्दुल्ला सोशल मीडिया सनसनी बने हुए हैं। 20 साल की उम्र में कम बजट व गांव वालों के लिए बड़ा काम करने वाले असद की चर्चा न केवल आजमगढ़ बल्कि देश-विदेश में गूंज रही है। इसका श्रेय देश के उद्योगपति आनन्द महिंद्र को जाता है, जिन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से असद की साइकिल का वीडियो ट्विट कर दिया, जिसे अब तक लाखों लोग देख चुके हैं। वहीं असद रातो-रात एक सितारे की तरह चमक गए हैं और अपने हौसले के साथ एक नई उड़ान उड़ने के लिए तैयार हो गए हैं।

बता दें कि आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले अब्दुल्ला असद ने एक ऐसी साइकिल बनाई है जो एक साथ एक-दो-तीन नहीं बल्कि 6 लोगों को लेकर चल सकती है। छह सीटों वाली यह साइकिल चार्जिंग से चलती है। एक बार चार्ज करने पर यह 150 किलोमीटर की यात्रा करती है। आस-पास के क्षेत्रों में यह साइकिल चर्चा का विषय बनी हुई है। देश के प्रमुख उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने भी इस साइकिल की सराहना करते हुए वीडियो इंजीनियर बोस प्रताप को ट्वीट किया है। इसी के साथ लिखा है कि, केवल छोटे डिज़ाइन इनपुट के साथ, (चेसिस के लिए बेलनाकार खंड ?) इस उपकरण को वैश्विक अनुप्रयोग मिल सकता है। भीड़भाड़ वाले यूरोपीय पर्यटन केंद्रों में टूर ‘बस’ के रूप में? मैं हमेशा ग्रामीण परिवहन नवाचारों से प्रभावित रहा हूँ, जहाँ आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है।” आनंद महिद्रा द्वारा किया गया ट्वीट एक मिलियन से अधिक लोगों द्वारा देखा जा चुका है। असद अब्दुल्ला ने बताया कि सात- आठ वर्ष की उम्र से ही लगातार इन्नोवेशन कर रहा हूं। बचपन में रिमोट वाली कार में प्रयोग करता था।

इस तरह आया आइडिया
इंटर के बाद आईटीआई करने वाले असद अब्दुल्ला ने मीडिया को जानकारी दी कि लगातार जिस तरह से डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ रही हैं। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए कहीं आना-जाना मुश्किल हो गया है। खासतौर के गांव में। इस पर मेरे मन में विचार आया कि क्यों न ऐसी चीज बनाई जाय जिससे गांव के लोग एक जगह से दूसरी जगह पर कम बजट में जा सके। ऐसे में यह साइकिल बनाने का विचार मन में आया और इस पर काम करना शुरू कर दिया। असद अब्दुल्ला का कहना है कि इसे बनाने में एक माह का समय लगा और 10 से 12 हजार रूपए का खर्च आया। आनंद महिद्रा के ट्वीट से खुश होकर असद ने कहा कि मेरे काम की सराहना आज जिस तरह से हो रही है अच्छा लग रहा है। आने वाले दिनों में हमारा प्लान है कि इस साइकिल को कमर्शियल बनाकर कम कीमत में लोगों के पास पहुंचाया जा सके, ताकि लोगों को कम खर्च में आने-जाने की सुविधा मिल सके।

जानें कैसे बनी अनोखी साइकिल
असद अब्दुल्ला ने बताया कि इस साइकिल को पुरानी वस्तुओं अर्थात कबाड़ से तैयार किया गया है। साइकिल में पुरानी स्कूटर के पार्ट का प्रयोग किया गया है। इसके साथ ही 1000 वॉट का हब मीटर लगाया गया है और 1000 वॉट का ही कंट्रोलर लगाया गया है। इसके साथ ही लिथियम फास्फेट की बैटरी लगाई गई है। इसके साथ ही हब मोटर चैनलेस है। चैन और मेंटेंनेंस की दिक्कत नहीं है। असद अब्दुल्ला ने बताया कि इससे पहले मैने बहुत सारे प्रोजेक्ट बनाया है। इससे पूर्व केटीएम बाइक को इलेक्ट्रिक बाइक में बदल दिया था। इसके साथ पैडल वाली साइकिल को बनाया था वह 60 और 80 किलोमीटर की रफ्तार से चलती थी।

ये है असद का सपना
युवा इन्नोवेटिव असद अब्दुल्ला बताते हैं कि आने वाले समय में वह सोलर एनर्जी और बैटरी से चलने वाला प्लेन बनाना चाहते हैं। इसे बनाने में लगभग डेढ़ वर्ष का समय लग जाएगा, जिससे लोगों को कम बजट में हवाई यात्राएं मिल सकें। अगर असद का ये सपना सच होता है तो वो लोग भी हवाई यात्रा का आनन्द उठा सकेंगे, जो लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं या फिर कम सैलरी वाले हैं।

देखें क्या करते हैं माता-पिता
असद के पिता मोहम्मद अब्दुल्ला, पेशे से यूनानी चिकित्सक हैं और माता भी यूनानी चिकित्सक हैं। पिता का कहना है कि मेरा बेटा बचपन से ही टेक्निकल माइंड का था। बचपन से ही नई-नई चीजें बनाता था। आज परिवार, आस-पास के लोग बहुत खुश हैं और सब इस बात को कह रहे हैं कि बेटा आगे बढ़ रहा है। निश्चित रूप से आने वाले समय में मेरा बेटा जिले प्रदेश और देश का नाम रोशन करेगा।

8 साल की उम्र से ही नई-नई खोज कर रहे हैं असद
असद का कहना है, ‘मैं 8 साल की उम्र से ही इनोवेशन कर रहा हूं। जब मेरी उम्र 13 साल थी, तब मैंने रिमोट वाली कार की बैटरी से टुल्लू मोटर बनाया था। आने वाले समय में सोलर एनर्जी और बैटरी से चलने वाला प्लेन बनाने का सपना है। इसे बनाने में करीब डेढ़ साल का समय लग जाएगा।’ 6 सीटों वाली साइकिल बनाने का आइडिया कैसे आया? इस सवाल के जवाब में असद कहता है कि अजय देवगन की फिल्म ‘गोलमाल’ देखकर लगा कि ऐसी साइकिल बनानी चाहिए। फिलहाल असद दिल्ली से BCA कर रहे हैं। वह कहते हैं कि बचपन से ही कुछ अलग करने की चाह उनके मन में थी।

KTM ड्यूक बाइक को बना दिया था इलेक्ट्रिक बाइक
असद बताते हैं कि 10 महीने पहले मैंने KTM ड्यूक बाइक को इलेक्ट्रिक बाइक बना दी थी। इस काम में करीब 3 महीने का समय लगा था। इसके लिए मैंने 4 हजार वाट के मोटर समेत 60 हजार रुपए कीमत के पुर्जे चीन से मंगाए थे। इसके लिए मैंने अपने एक मित्र की मदद लेकर ऑनलाइन ऑर्डर किया था। इसके लिए 14 हजार रुपए शिपिंग और 18 हजार रुपए कस्टम के चुकाए थे। बाइक के इंजन को निकलकर मैंने उसकी जगह मोटर फिट कर दिया था। यह बाइक एक बार फुल चार्ज करने पर 45 किलोमीटर की स्पीड से 25 किमी की दूरी तय करती है। अगर बाइक को 60 की स्पीड से चलाया जाए, तो यह 100 किमी तक चल जाती है।